राहत फतेह अली खान ने की दिलजीत दोसांझ के ‘सांसों की माला’ की तारीफ

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 29-09-2026
Rahat Fateh Ali Khan praises Diljit Dosanjh's 'Saanson Ki Mala'.
Rahat Fateh Ali Khan praises Diljit Dosanjh's 'Saanson Ki Mala'.

 

नई दिल्ली

जब नई पीढ़ी के कलाकार दिग्गज गायक नुसरत फतेह अली खान की सदाबहार कव्वालियों को अपनी आवाज में पेश करते हैं, तो संगीत प्रेमियों के लिए यह एक खास अनुभव बन जाता है। ऐसा ही नजारा पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ के लंदन स्थित वेम्बली एरिना में आयोजित कॉन्सर्ट के दौरान देखने को मिला, जहां उन्होंने नुसरत फतेह अली खान की मशहूर कव्वाली ‘सांसों की माला’ पेश की। अब दिग्गज गायक के भतीजे और संगीत विरासत को आगे बढ़ाने वाले राहत फतेह अली खान ने भी दिलजीत की इस प्रस्तुति की तारीफ की है।

राहत फतेह अली खान ने टोरंटो में दिलजीत के कॉन्सर्ट से पहले उनकी प्रस्तुति के बारे में बात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि नुसरत फतेह अली खान जैसे महान कलाकार के गीतों को गाते समय बड़े-बड़े गायकों पर भी विशेष दबाव रहता है।

राहत ने कहा, “यह कहना गलत नहीं होगा कि नुसरत साहब के गाने गाते समय कई बड़े कलाकार घबरा जाते हैं। लेकिन दिलजीत ने पूरे दिल और अपनी पूरी क्षमता के साथ गाने के साथ न्याय किया।”

उन्होंने दिलजीत के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा, “हम इसे देख सकते हैं और सुन सकते हैं। इसलिए मैं उनकी प्रशंसा करूंगा।”

वेम्बली एरिना में दिलजीत की खास प्रस्तुति

12 सितंबर को लंदन के वेम्बली एरिना में आयोजित दिलजीत दोसांझ का कॉन्सर्ट उनके करियर के महत्वपूर्ण पड़ावों में से एक रहा। इस दौरान नुसरत फतेह अली खान की कव्वाली को शामिल करना कार्यक्रम का खास आकर्षण बना।

दिलजीत की संगीत शैली नुसरत फतेह अली खान से काफी अलग है। उन्होंने पंजाबी लोक संगीत को हिप-हॉप और अन्य आधुनिक संगीत शैलियों के साथ मिलाकर अपनी अलग पहचान बनाई है। दूसरी ओर, नुसरत फतेह अली खान अपनी दमदार आवाज, सूफियाना अंदाज और कव्वाली की गहरी भावनात्मक अभिव्यक्ति के लिए दुनियाभर में मशहूर रहे हैं।

नुसरत की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिश

नुसरत फतेह अली खान की कव्वालियों ने भारत, पाकिस्तान सहित दुनियाभर के संगीत प्रेमियों के बीच खास जगह बनाई है। उनकी गायकी में सूफी परंपरा, आध्यात्मिकता और संगीत की भावनात्मक गहराई का अनूठा संगम देखने को मिलता है।

दिलजीत दोसांझ जैसे समकालीन कलाकार द्वारा उनकी मशहूर कव्वाली को बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर पेश करना पुरानी और नई पीढ़ी के संगीत के बीच एक कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

वेम्बली एरिना में दिलजीत की प्रस्तुति के दौरान दर्शकों ने भी उनके साथ गाने में हिस्सा लिया। इससे कार्यक्रम का माहौल भावुक और यादगार बन गया। राहत फतेह अली खान की तारीफ ने इस प्रस्तुति को लेकर संगीत प्रेमियों की दिलचस्पी और बढ़ा दी है।