"हमेशा हमारे दिलों में...": जैकी श्रॉफ ने लता मंगेशकर को उनकी 97वीं जयंती पर याद किया

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 28-09-2026
"Always in our hearts...": Jackie Shroff remembers Lata Mangeshkar on 97th birth anniversary

 

मुंबई (महाराष्ट्र) 
 
दिग्गज अभिनेता जैकी श्रॉफ ने महान गायिका लता मंगेशकर को उनकी 97वीं जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने इंस्टाग्राम पर 'भारत की नाइटिंगेल' लता मंगेशकर की पुरानी तस्वीरों का एक कोलाज शेयर करते हुए लिखा, "लता जी हमेशा हमारे दिलों में रहेंगी (रेड हार्ट इमोजी)।" इससे पहले, सोमवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महान गायिका को श्रद्धांजलि दी। X पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, "उनकी जयंती पर, मैं आदरणीय लता दीदी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने अपनी अद्भुत गायन प्रतिभा से दुनिया भर में हमारे देश का नाम रोशन किया। उन्होंने न केवल अपनी सुरीली आवाज़ से भारतवर्ष को समृद्ध किया, बल्कि देश की समृद्धि से जुड़े हर प्रयास को भी पूरे दिल से प्रोत्साहित किया।"
 
पीएम मोदी ने भारतीय संगीत में लता मंगेशकर के अपार योगदान की भी सराहना की और कहा कि उनकी विरासत को आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी और संजोकर रखेंगी। उन्होंने कहा, "भारतीय संगीत की दुनिया में उनका अद्वितीय योगदान आने वाले समय तक यादगार रहेगा।" लता मंगेशकर आज 97 वर्ष की हो जातीं। 2022 में 92 वर्ष की आयु में मुंबई में उनका निधन हो गया था, लेकिन वे ऐसी विशाल विरासत छोड़ गईं जो पीढ़ियों तक गूंजती रहेगी। अक्सर 'भारत की नाइटिंगेल' (कोकिला) कही जाने वालीं लता मंगेशकर केवल एक पार्श्व गायिका (प्लेबैक सिंगर) नहीं थीं; वे एक सांस्कृतिक शक्ति थीं।
 
1940 के दशक से ही उनकी आवाज़ हिंदी सिनेमा की पहचान बन गई, साथ ही उन्होंने मराठी और कई अन्य भारतीय भाषाओं में संगीत को भी नई दिशा दी। उन्होंने 36 से अधिक भारतीय भाषाओं में गाने रिकॉर्ड किए। उनके करियर में नौशाद, एसडी बर्मन, आरडी बर्मन, मदन मोहन, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल और एआर रहमान जैसे भारत के महान संगीतकारों के साथ अद्भुत साझेदारी रही। 'आएगा आनेवाला', 'लग जा गले', 'प्यार किया तो डरना क्या' और 'ऐ मेरे वतन के लोगों' जैसे गाने न केवल संगीत के क्षेत्र में मील का पत्थर हैं, बल्कि भारत की संगीतमय यादों में भावनात्मक रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्हें स्वाभाविक रूप से पहचान और सम्मान मिला। लता मंगेशकर को 1989 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार, 1969 में पद्म भूषण, 1999 में पद्म विभूषण और 2001 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया। इन पुरस्कारों ने न केवल उनकी कलात्मक उत्कृष्टता को मान्यता दी, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान में उनके योगदान को भी सराहा।