नई दिल्ली।
बॉलीवुड अभिनेत्री और डांसर नोरा फतेही ने अपने करियर के शुरुआती दिनों का एक ऐसा अनुभव साझा किया, जिसने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं। अभिनेत्री ने बताया कि वर्ष 2014में फिल्म 'रोर: टाइगर्स ऑफ द सुंदरबन' की शूटिंग के दौरान बांग्लादेश में उनके एक सह-कलाकार के साथ विवाद इतना बढ़ गया था कि बात थप्पड़ और हाथापाई तक पहुंच गई थी। यह किस्सा उन्होंने कुछ वर्ष पहले 'द कपिल शर्मा शो' में सुनाया था, जो अब एक बार फिर चर्चा में है।
नोरा फतेही ने यह घटना उस समय साझा की थी, जब वह अभिनेता आयुष्मान खुराना के साथ फिल्म 'एन एक्शन हीरो' के गाने 'जेहड़ा नशा' के प्रमोशन के लिए शो में पहुंची थीं। बातचीत के दौरान उन्होंने अपने शुरुआती फिल्मी सफर की चुनौतियों का जिक्र करते हुए बांग्लादेश में हुई इस अप्रिय घटना के बारे में बताया।
नोरा के अनुसार, फिल्म की शूटिंग के दौरान एक सह-कलाकार उनके साथ लगातार अभद्र व्यवहार कर रहा था। कई बार समझाने के बावजूद जब उसका रवैया नहीं बदला तो उन्हें गुस्सा आ गया और उन्होंने उसे थप्पड़ मार दिया। अभिनेत्री ने बताया कि इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई।
उन्होंने कहा कि सह-कलाकार ने भी पलटकर उन्हें थप्पड़ मार दिया और उनके बाल खींचने शुरू कर दिए। जवाब में नोरा ने भी उसके बाल पकड़ लिए। देखते ही देखते दोनों के बीच तीखी हाथापाई शुरू हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि फिल्म के निर्देशक को बीच-बचाव के लिए आना पड़ा और दोनों को अलग करना पड़ा।
इस घटना को याद करते हुए नोरा ने कहा, "हम बांग्लादेश के सुंदरबन के जंगलों में शूटिंग कर रहे थे। वहां एक सह-कलाकार मेरे साथ दुर्व्यवहार कर रहा था। मैंने उसे थप्पड़ मार दिया। फिर उसने मुझे थप्पड़ मारा और मेरे बाल खींचे। मैंने भी उसके बाल पकड़ लिए और दोनों के बीच बड़ा झगड़ा हो गया। आखिरकार निर्देशक को आकर मामला शांत कराना पड़ा।"
शो के दौरान नोरा की यह बात सुनकर मेजबान कपिल शर्मा ने अपने अंदाज में माहौल हल्का करते हुए मजाक किया। कपिल की टिप्पणी पर वहां मौजूद दर्शक और अन्य कलाकार भी हंस पड़े। नोरा ने भी मुस्कुराते हुए प्रतिक्रिया दी, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उस समय उन्हें अपने साथ हुए व्यवहार पर काफी गुस्सा आया था। हालांकि, उन्होंने अपने सह-कलाकार का नाम सार्वजनिक नहीं किया।
गौरतलब है कि 'रोर: टाइगर्स ऑफ द सुंदरबन' वर्ष 2014में रिलीज हुई थी। इस रोमांचक थ्रिलर फिल्म का निर्देशन और लेखन कमल सदाना ने किया था। फिल्म की कहानी सुंदरबन के घने मैंग्रोव जंगलों में एक दुर्लभ सफेद बाघ की तलाश पर आधारित थी। इसमें रोमांच, वन्यजीवन और एडवेंचर का अनूठा मिश्रण देखने को मिला था।
नोरा फतेही ने इसी फिल्म से बॉलीवुड में अभिनय की शुरुआत की थी। उन्होंने फिल्म में सीजे नाम का किरदार निभाया था। फिल्म की शूटिंग सुंदरबन के दुर्गम इलाकों में की गई थी और इसे तकनीकी रूप से भी काफी महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट माना गया। फिल्म में 800से अधिक विजुअल इफेक्ट्स (VFX) शॉट्स का उपयोग किया गया था, जबकि सुंदरबन के हवाई दृश्यों ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया था।
आज नोरा फतेही बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्रियों और डांस परफॉर्मर्स में गिनी जाती हैं। हालांकि, उनके करियर के शुरुआती दौर का यह अनुभव बताता है कि फिल्म उद्योग में सफलता हासिल करने का सफर हमेशा आसान नहीं होता और कई कलाकारों को शुरुआती दिनों में कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।