मधुर भंडारकर बनाएंगे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर फिल्म

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 23-10-2026
Madhur Bhandarkar to make film on Dr Syama Prasad Mukherjee, titled ‘Syama- The Missing Chapter’
Madhur Bhandarkar to make film on Dr Syama Prasad Mukherjee, titled ‘Syama- The Missing Chapter’

 

कोलकाता (पश्चिम बंगाल)
 
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर अपने अगले प्रोजेक्ट के जरिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और उनकी विरासत को बड़े पर्दे पर लाने जा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट का संभावित शीर्षक 'श्यामा - द मिसिंग चैप्टर' रखा गया है। इस फिल्म की शूटिंग अगले साल शुरू होगी, हालांकि प्रोजेक्ट से जुड़ी अन्य जानकारियां अभी गुप्त रखी गई हैं। इस फिल्म को निर्माता आदित्य कुमार हलवासिया का समर्थन प्राप्त है और इसका निर्माण भंडारकर एंटरटेनमेंट तथा AKH वेंचर्स द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। भंडारकर अपनी आने वाली फिल्म 'द वाइव्स ऑफ बॉलीवुड' का काम पूरा करने के बाद इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करेंगे।
 
एक ऐतिहासिक ड्रामा और पॉलिटिकल थ्रिलर के रूप में तैयार की जा रही फिल्म 'श्यामा - द मिसिंग चैप्टर' डॉ. मुखर्जी के जीवन पर आधारित होगी। वे एक विद्वान और राजनेता थे, जिन्होंने भारत के राजनीतिक इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। फिल्म में उनके शुरुआती करियर को दिखाया जाएगा, जब वे कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति (वाइस-चांसलर) बने थे। इसके अलावा, जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में स्वतंत्र भारत के पहले मंत्रिमंडल में उनके कार्यकाल और उन वैचारिक मतभेदों को भी दर्शाया जाएगा, जिनके कारण उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।
 
फिल्म में 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना, 1953 में जम्मू-कश्मीर में 'परमिट सिस्टम' के खिलाफ उनके अभियान और हिरासत के दौरान उनकी मृत्यु से जुड़ी परिस्थितियों को भी शामिल किया जाएगा। फिल्म के बारे में बात करते हुए निर्माता आदित्य कुमार हलवासिया ने कहा, "डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन हमें याद दिलाता है कि सच्चा नेतृत्व साहस, दृढ़ विश्वास और राष्ट्र सेवा में निहित है। 'श्यामा' के माध्यम से, हमारा उद्देश्य उनके अद्भुत सफर को पर्दे पर लाना और नई पीढ़ी को हमारे इतिहास को जानने, हमारी विरासत को अपनाने और उन मूल्यों को समझने के लिए प्रेरित करना है, जो हमारे देश के भविष्य को आकार देने में मदद करते हैं।"
 
इस ऐतिहासिक विषय को चुनने पर अपने विचार साझा करते हुए भंडारकर ने कहा, "एक फिल्म निर्माता के रूप में पहली बार डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन को पर्दे पर उतारना एक बड़ी चुनौती है। 'श्यामा' के जरिए, मैं भारत के इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय को ईमानदारी, संवेदनशीलता और एक नए दृष्टिकोण के साथ दर्शकों के सामने लाना चाहता हूं।" इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य मुखर्जी के राजनीतिक सफर, वैचारिक मतभेदों और फैसलों के जरिए भारत के अतीत के एक अहम अध्याय को फिर से खंगालना है। ऐतिहासिक घटनाओं और राजनीतिक घटनाक्रमों पर केंद्रित यह फिल्म दर्शकों को एक ऐसे व्यक्तित्व के जीवन और विरासत से परिचित कराना चाहती है, जिनके विचारों पर आज भी बहस और चिंतन होता है। फिल्म की कास्ट और प्रोडक्शन से जुड़ी अन्य जानकारियों की घोषणा अभी नहीं की गई है। यह फिल्म 2027 में फ्लोर पर जाएगी (यानी इसकी शूटिंग शुरू होगी)।