आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
आवाज द वॉयस/कोलकाता। भारतीय फिल्ममेकर शिशिर झा की डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘रिवर्स ऑफ मेमोरी’ को एम्स्टर्डम में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री फिल्म फेस्टिवल में प्रतियोगिता के लिए चुना गया है। फेस्टिवल के आयोजकों के मुताबिक, यह आयोजन 12 से 22 नवंबर तक होगा।
72 मिनट की यह फिल्म इंटरनेशनल डॉक्यूमेंट्री फिल्म फेस्टिवल एम्स्टर्डम (IDFA) के 39वें संस्करण की एनविजन प्रतियोगिता के लिए चुनी गई 13 फिल्मों में शामिल है। IDFA को दुनिया के प्रमुख डॉक्यूमेंट्री फिल्म समारोहों में गिना जाता है।
13 फिल्मों में मिली जगह
‘रिवर्स ऑफ मेमोरी’ के साथ क्यूबा, बेल्जियम, कनाडा, स्विट्जरलैंड और हांगकांग सहित कई देशों की डॉक्यूमेंट्री फिल्मों को भी प्रतियोगिता में जगह मिली है। यह चयन समकालीन वास्तविकताओं को अलग-अलग सिनेमाई अंदाज में पेश करने वाली फिल्मों पर फेस्टिवल के जोर को दर्शाता है।
फेस्टिवल के कार्यक्रम के अनुसार, एनविजन प्रतियोगिता में ऐसी फिल्मों को शामिल किया जाता है, जिनमें कहानी कहने के लिए सिनेमाई शैली और प्रस्तुति अहम भूमिका निभाती है। इसमें फिल्मकार दृश्य भाषा और कहानी के ढांचे के साथ नए प्रयोग करते हुए विषयों को अलग नजरिए से सामने लाते हैं।
दुनिया भर की 250 से अधिक फिल्में होंगी शामिल
IDFA के 2026 संस्करण में दुनिया भर की 250 से अधिक फिल्में और नए मीडिया प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए जाने की तैयारी है।
वर्ष 1988 में शुरू हुआ यह फिल्म फेस्टिवल डॉक्यूमेंट्री सिनेमा का एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मंच बन चुका है। यहां सामाजिक और राजनीतिक वास्तविकताओं, व्यक्तिगत इतिहास, सांस्कृतिक पहचान और कलात्मक अभिव्यक्ति से जुड़े विषयों पर आधारित फिल्में दिखाई जाती हैं।