नई दिल्ली
कभी सवाल था कि ये पल कब और कैसे आएगा, और अब 20 साल की सारा अर्जुन खुद इस पर मुस्कुरा कर कहती हैं, “यह सब होने वाला था, बस समय का इंतजार था। अब उन सभी सवालों के जवाब मिल गए हैं। मैं ब्रह्मांड और उन सभी लोगों का धन्यवाद करती हूं, जिन्होंने मुझे यह अवसर दिया।”
सारा अर्जुन, जो आदित्य धर की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ में रणवीर सिंह के किरदार की रोमांटिक हीरोइन के रूप में नजर आईं, केवल नए चेहरे वाली अदाकारा नहीं हैं। 20 साल की उम्र में उन्होंने तुगलक फिल्म इंडस्ट्री में इतने अनुभव हासिल कर लिए हैं कि उनके वरिष्ठ कलाकार भी उन्हें देखकर हैरान रह जाएं।
सारा ने अपने करियर की शुरुआत महज पांच साल की उम्र में तमिल फिल्म ‘देवा थिरुमगल’ से की थी। उस फिल्म में उन्होंने विक्रम के किरदार की बेटी के रूप में नजर आईं। सारा बताती हैं, “विक्रम जी के साथ शूटिंग की यादें धुंधली हैं, लेकिन मुझे याद है कि मैं उन्हें विक्रम अप्पा बुलाती थी। ओटी सेट बहुत खूबसूरत था।”
इसके बाद उन्होंने तमिल और हिंदी फिल्मों में काम किया, जिनमें ‘चिथिरायल निलाचोरु’, ‘एक थी दयान’, ‘जय हो’, ‘जज़्बा’ और ‘द सॉन्ग ऑफ़ स्कॉर्पियंस’ शामिल हैं। उन्होंने अर्शदर्शक भूमिका में मणिरत्नम की महाकाव्य फिल्म ‘पोनियिन सेलवन’ में ऐश्वर्या राय की छोटी भूमिका निभाई। सारा कहती हैं, “ऐश्वर्या जी मेरे साथ बिल्कुल सच्ची और मददगार रहीं। उन्होंने मुझे अपनी बेटी की तरह संभाला।”
बाल कलाकार होने का अनुभव सारा के लिए वरदान साबित हुआ। “बचपन में अभिनय करना मेरे लिए सहज था। खुशी और दुख को मैं बिना झिझक महसूस कर पाती थी। यह आज भी मेरी सबसे बड़ी ताकत है।”
‘धुरंधर’ का हिस्सा बनने तक सारा ने कई ऑडिशन दिए। उन्होंने बताया, “मुझे खुद नहीं पता था कि मैं रणवीर के अपोजिट कास्ट हो जाऊंगी। छह अलग-अलग सीन के लिए ऑडिशन हुए। मैं बस आभारी और धन्य महसूस करती रही।”
फिल्म में सारा ने यालिना जमाली का किरदार निभाया है, जो पाकिस्तान के एक प्रभावशाली नेता की बेटी है और रणवीर के किरदार हमजा से रोमांस करती है। उम्र के अंतर पर उठ रहे सवालों पर सारा कहती हैं, “फिल्म में यह बिल्कुल स्पष्ट किया गया है। कहानी के संदर्भ में यह पूरी तरह न्यायसंगत है।”
‘धुरंधर’ के दूसरे भाग के मार्च में रिलीज होने की तैयारी है। इस फिल्म में अक्षय खन्ना, संजय दत्त, आर. माधवन और अर्जुन रामपाल भी मुख्य भूमिका में हैं।
प्रसिद्धि और लोकप्रियता के साथ निजी जीवन पर नजर और आलोचना भी आती है। इस पर सारा कहती हैं, “मैं जानते थे कि प्रसिद्धि के साथ यह सब आएगा। लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं। मैं अपने व्यक्तिगत जीवन को सुरक्षित रखने की पूरी कोशिश करती हूं। बाकी जो कुछ भी आएगा, उसके लिए मैं पूरी तरह तैयार हूं। वास्तव में, मैं लंबे समय से यही चाहती थी।”
सारा अर्जुन की कहानी यह साबित करती है कि संघर्ष, लगन और सही मौके का इंतजार ही सच्ची सफलता की कुंजी है। बाल कलाकार से लेकर ‘धुरंधर’ की नायिका बनने तक का उनका सफर किसी प्रेरणा से कम नहीं।