नई दिल्ली।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के इंडिया अरब कल्चरल सेंटर (आईएसीसी) की ओर से 1 अक्टूबर 2026 को “सभ्यताओं का अंतर्संबंध: अरब सांस्कृतिक पुनर्जागरण और आधुनिकता की तलाश” विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम आईएसीसी के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित हुआ।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू), नई दिल्ली के स्कूल ऑफ फॉरेन लैंग्वेजेज के निदेशक प्रो. मोहम्मद सलीम ने मुख्य वक्ता के रूप में व्याख्यान दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. जाकिर हुसैन इंस्टीट्यूट ऑफ इस्लामिक स्टडीज के मानद निदेशक प्रो. हबीबुल्लाह खान ने की।
आईएसीसी के निदेशक डॉ. मोहम्मद आफताब अहमद ने मुख्य वक्ता और कार्यक्रम के अध्यक्ष का परिचय कराया। उन्होंने कहा कि व्याख्यान का विषय उन ऐतिहासिक संपर्कों को समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है, जिन्होंने अरब जगत के बौद्धिक और सांस्कृतिक जीवन को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अपने व्याख्यान में प्रो. मोहम्मद सलीम ने अरब बौद्धिक चिंतन के विकास में विभिन्न संस्कृतियों के बीच संवाद और सभ्यताओं के आपसी मेलजोल के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से 19वीं और 20वीं सदी के शुरुआती दौर में यूरोप के साथ अरब दुनिया के बढ़ते संपर्कों का उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि इन संपर्कों ने अरब बुद्धिजीवियों के बीच शिक्षा, विज्ञान, साहित्य, राजनीतिक सुधार, संवैधानिक व्यवस्था, भाषा, महिला शिक्षा और सामाजिक परिवर्तन जैसे मुद्दों पर व्यापक बहस को जन्म दिया। इन विचार-विमर्शों के दौरान अरब विचारकों ने परंपरा और आधुनिकता के बीच संबंधों पर भी नए सिरे से विचार किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो. हबीबुल्लाह खान ने विषय पर अकादमिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि सभ्यताओं को अलग-अलग और एक-दूसरे से कटी हुई इकाइयों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इतिहास में सभ्यताओं के बीच लगातार संपर्क, विचारों का आदान-प्रदान और पारस्परिक प्रभाव रहा है।
उन्होंने कहा कि अरब सांस्कृतिक इतिहास को व्यापक बौद्धिक और सभ्यतागत संपर्कों के संदर्भ में समझना आवश्यक है। इससे अरब समाज में हुए सांस्कृतिक और बौद्धिक बदलावों की बेहतर समझ विकसित की जा सकती है।
कार्यक्रम के अंत में आईएसीसी के सहायक प्रोफेसर डॉ. अहसान रजा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने मुख्य वक्ता, कार्यक्रम के अध्यक्ष, शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों की सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।