एएमयू कोर्ट के सदस्य बने सायमा यूनुस, अरमान रासूल और सतीश कुमार

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 02-09-2026
Saima Yunus, Arman Rasul, and Satish Kumar become members of the AMU Court.
Saima Yunus, Arman Rasul, and Satish Kumar become members of the AMU Court.

 

अलीगढ़

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी यानी एएमयू ने कोर्ट के नए सदस्यों की घोषणा की है। प्रोफेसर सायमा यूनुस खान, प्रोफेसर अरमान रासूल फरीदी और प्रोफेसर सतीश कुमार को एएमयू कोर्ट का सदस्य घोषित किया गया है।

विश्वविद्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार तीनों शिक्षकों का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। हालांकि, यदि इससे पहले वे अपने संबंधित विभागों के चेयरपर्सन पद से हटते हैं, तो उनकी सदस्यता उसी समय समाप्त हो जाएगी।

यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। तीनों प्रोफेसर अपने अपने विभागों के वरिष्ठतम चेयरपर्सन हैं। लागू प्रावधानों के तहत रोटेशन के आधार पर उन्हें एएमयू कोर्ट का सदस्य घोषित किया गया है।

प्रोफेसर सायमा यूनुस खान अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पीडियाट्रिक्स एंड प्रिवेंटिव डेंटिस्ट्री विभाग से जुड़ी हैं। प्रोफेसर अरमान रासूल फरीदी कंप्यूटर साइंस विभाग में कार्यरत हैं। वहीं प्रोफेसर सतीश कुमार वाइल्डलाइफ साइंसेज विभाग के चेयरपर्सन हैं।

एएमयू कोर्ट विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण संस्थागत व्यवस्थाओं में शामिल है। इसमें विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार और चर्चा होती है। वरिष्ठ विभागाध्यक्षों को रोटेशन के आधार पर कोर्ट में प्रतिनिधित्व दिए जाने का प्रावधान है।

इस बार तीन वरिष्ठतम चेयरपर्सन को सदस्य बनाया गया है। विश्वविद्यालय के अनुसार यह निर्णय संबंधित नियमों और लागू प्रावधानों के अनुरूप लिया गया है।

प्रोफेसर सायमा यूनुस खान, प्रोफेसर अरमान रासूल फरीदी और प्रोफेसर सतीश कुमार अब तीन वर्षों तक एएमयू कोर्ट की सदस्यता निभाएंगे। उनका कार्यकाल इससे पहले भी समाप्त हो सकता है, यदि वे अपने संबंधित विभागों के चेयरपर्सन नहीं रहते।

क्या हुआ?
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ने तीन वरिष्ठतम विभागाध्यक्षों को एएमयू कोर्ट का सदस्य घोषित किया है।

कौन सदस्य बने?
प्रोफेसर सायमा यूनुस खान, प्रोफेसर अरमान रासूल फरीदी और प्रोफेसर सतीश कुमार।

कार्यकाल कितना होगा?
सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष या संबंधित विभाग के चेयरपर्सन पद पर बने रहने तक होगा। इनमें जो अवधि पहले समाप्त होगी, उसी के आधार पर सदस्यता समाप्त होगी।

निर्णय कब से लागू है?
यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

किस आधार पर चयन हुआ?
तीनों वरिष्ठतम चेयरपर्सन को लागू प्रावधानों के तहत रोटेशन के आधार पर एएमयू कोर्ट का सदस्य बनाया गया है।