आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के महिला विश्वविद्यालय छात्रावास (यूएचडब्ल्यू) में रहने वाली छात्राओं ने पानी की कमी और प्रशासन पर "वसूली" का आरोप लगाते हुए इसके विरोध में रात भर धरना प्रदर्शन किया। वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) से जुड़े छात्रों ने यह जानकारी दी।
संगठन ने छात्राओं को जबरन बेदखल किए जाने का भी आरोप लगाया।
संगठन ने बयान में कहा, "एक सप्ताह से अधिक समय से इन छात्राओं को घोर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सेमेस्टर परीक्षाओं और नेट परीक्षाओं की तैयारी के बीच, प्रशासन ने एक तरह से आपातकालीन स्थिति घोषित कर दी है, पूरे दो ब्लॉकों में पानी की आपूर्ति बंद कर दी है और रीडिंग रूम से कुर्सियां भी हटा दी हैं।"
छात्राओं का विरोध प्रदर्शन बृहस्पतिवार रात करीब 9.30 बजे शुरू हुआ और शुक्रवार तड़के तक जारी रहा।
आइसा ने आरोप लगाया कि छात्रावास के 'प्रोवोस्ट' द्वारा सुविधाओं को बहाल करने और उसमें रहने की समय सीमा बढ़ाने के लिए दिए गए आश्वासनों को पूरा नहीं किया गया।
हालांकि, छात्राओं के समूह ने बताया कि सुबह प्रशासन ने एक हस्ताक्षरित आदेश जारी कर छात्राओं को 30 जून तक बिना शर्त वहां रहने की अनुमति दी और लिखित गारंटी दी कि पढ़ने के कमरे की कुर्सियों और भोजन कक्ष के कूलर सहित सभी बुनियादी मांगों को बिना किसी देरी के पूरा किया जाएगा।