आवाज द वॉयस/ नई दिल्ली
बिहार के लाखों छात्रों और उनके परिवारों का इंतजार आखिरकार समाप्त हो गया। Bihar School Examination Board (BSEB) ने इस वर्ष की इंटरमीडिएट यानी 12वीं की परीक्षा का रिजल्ट 2026 घोषित कर दिया है। शिक्षा मंत्री Sunil Kumar और बोर्ड के अध्यक्ष Anand Kishor ने पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान परिणाम जारी किए। इस साल इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 85.19 प्रतिशत छात्र सफल हुए हैं। परिणाम जारी होते ही साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स तीनों संकाय के टॉपर्स की सूची भी सामने आई। इस बार भी छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे बिहार में बेटियों की शिक्षा में बढ़ती भागीदारी और सफलता का स्पष्ट संकेत मिलता है।
— DD News Bihar | डीडी न्यूज बिहार (@ddnewsBihar) March 23, 2026
विज्ञान संकाय में समस्तीपुर के छात्र आदित्य प्रकाश अमन ने पहला स्थान हासिल किया। उनके बेहतरीन प्रदर्शन ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले में खुशी का माहौल बना दिया। दूसरे स्थान पर सीतामढ़ी की साक्षी और नवादा की सपना ने संयुक्त रूप से स्थान हासिल किया। दोनों छात्राओं ने उत्कृष्ट अंक प्राप्त किए और राज्य स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
तीनों संकाय—आर्ट, साइंस और कॉमर्स—को मिलाकर कुल 26 टॉपर्स में से 19 लड़कियां हैं। आर्ट और कॉमर्स संकाय में छात्राओं ने शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि साइंस में एक छात्र ने पहला स्थान प्राप्त किया। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि बिहार की बेटियां हर क्षेत्र में अब आगे बढ़ रही हैं और नई मिसाल कायम कर रही हैं।
इस साल इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 85.19 प्रतिशत छात्र सफल हुए। छात्राओं का पास प्रतिशत 86.23% रहा, जबकि छात्रों का पास प्रतिशत 84.09% रहा। यह अंतर न केवल शिक्षा में बेटियों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है, बल्कि उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की पुष्टि भी करता है।
बिहार बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 2 फरवरी से 13 फरवरी के बीच आयोजित की गई थी। इसके बाद कॉपियों का मूल्यांकन फरवरी के अंतिम सप्ताह से मार्च के मध्य तक संपन्न हुआ। बोर्ड ने इस बार भी तेजी से मूल्यांकन करके केवल 25 दिनों के भीतर परिणाम जारी कर दिए। यह प्रक्रिया देश के कई अन्य बोर्डों की तुलना में बहुत तेज मानी जाती है।
रिजल्ट जारी करने से पहले संभावित टॉपर्स को बोर्ड कार्यालय में बुलाकर उनका सत्यापन और इंटरव्यू कराया गया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि परिणाम पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय हों। बोर्ड का कहना है कि इस प्रक्रिया से परिणाम की विश्वसनीयता बढ़ती है और किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना कम हो जाती है।
बोर्ड ने समय पर रिजल्ट जारी करने को छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। अब सफल छात्र देश-विदेश के विश्वविद्यालयों में समय पर प्रवेश के लिए आवेदन कर सकेंगे। वहीं, जो छात्र किसी कारणवश सफल नहीं हो पाए हैं, उनके लिए जल्द ही कंपार्टमेंटल और विशेष परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने लगातार आठवीं बार सबसे पहले इंटरमीडिएट परीक्षा के नतीजे घोषित कर देश में अपनी कार्यक्षमता और विश्वसनीयता साबित की है। पटना स्थित बोर्ड मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंकड़ों के साथ सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह रहा कि इस बार भी बेटियों ने शिक्षा में अपनी बढ़ती ताकत का प्रदर्शन किया।