अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जव्वाद अहमद सिद्दीकी गिरफ्तार, मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 05-02-2026
Al-Falah University Chairman Jawad Ahmed Siddiqui arrested on serious charges of money laundering
Al-Falah University Chairman Jawad Ahmed Siddiqui arrested on serious charges of money laundering

 

नई दिल्ली

दिल्ली पुलिस ने कथित धोखाधड़ी और अनियमितताओं के एक बड़े मामले में Al Falah University के चेयरमैन Jawad Ahmed Siddiqui को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई University Grants Commission (UGC) द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों के आधार पर की गई है। मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सिद्दीकी के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थीं।

गिरफ्तारी के बाद जव्वाद अहमद सिद्दीकी को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने आगे की जांच के लिए क्राइम ब्रांच को चार दिन की पुलिस हिरासत की अनुमति दे दी। इस बीच, दिल्ली की Saket Court ने अल-फलाह ग्रुप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय की चार्जशीट पर बहस की सुनवाई 13 फरवरी के लिए तय की है।

इस मामले में Enforcement Directorate (ED) ने 16 जनवरी को जव्वाद सिद्दीकी और Al Falah Charitable Trust के खिलाफ कथित मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में चार्जशीट दाखिल की थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश Sheetal Chaudhary Pradhan ने सिद्दीकी के वकील की दलीलें सुनने के बाद दस्तावेज़ों की जांच के लिए समय देते हुए मामले को सूचीबद्ध किया।

ईडी के अनुसार, जांच की शुरुआत दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की उन एफआईआर के आधार पर हुई, जिनमें आरोप लगाया गया था कि विश्वविद्यालय ने National Assessment and Accreditation Council (NAAC) से मान्यता को लेकर झूठे दावे किए। एजेंसी का आरोप है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े संस्थानों ने समाप्त हो चुकी NAAC ग्रेडिंग को विज्ञापनों में दिखाकर छात्रों और अभिभावकों को गुमराह किया और इसी आधार पर प्रवेश लेकर फीस वसूली गई।

ईडी ने अदालत को बताया कि इस मामले में Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत कथित अपराध से जुड़े धन को लेकर संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है। वित्तीय जांच में यह भी सामने आया कि कथित तौर पर फीस के रूप में जुटाई गई रकम को आरोपी के परिवार से जुड़ी संस्थाओं में डायवर्ट किया गया और फंड की परत-दर-परत लेनदेन (लेयरिंग) कर मनी ट्रेल को छिपाने की कोशिश की गई।

जांच एजेंसियों द्वारा कई ठिकानों पर छापेमारी के दौरान नकदी, डिजिटल डिवाइस और अहम वित्तीय दस्तावेज़ भी बरामद किए गए हैं। ईडी का दावा है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि बड़े वित्तीय फैसलों को मंजूरी देने में सिद्दीकी की सीधी भूमिका थी।

इस मामले को और गंभीर बनाते हुए जांच एजेंसियों ने 10 नवंबर 2025 को हुए Red Fort कार बम विस्फोट से भी इसके कथित संबंधों का हवाला दिया है, जिसमें 15 लोगों की मौत हुई थी। जांच में सामने आया कि विस्फोट में इस्तेमाल की गई कार के ड्राइवर की पहचान डीएनए के जरिए Dr Umar un Nabi के रूप में हुई, जो अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर था। इसके अलावा, विश्वविद्यालय के कुछ अन्य कर्मचारियों को भी जैश-ए-मोहम्मद और अंसार ग़ज़वत-उल-हिंद से जुड़े कथित “व्हाइट कॉलर” आतंकी मॉड्यूल में भूमिका के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

फिलहाल, मामले की जांच कई एजेंसियों के स्तर पर जारी है और आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।