नई दिल्ली
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में भारत का थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर सालाना आधार पर (YoY) बढ़कर 11.39 प्रतिशत हो गई, जो अगस्त में 9.92 प्रतिशत थी। यानी यह महंगाई दर दो अंकों में पहुंच गई है। सभी कमोडिटीज़ (सामानों) के लिए 'ऑल इंडिया होलसेल प्राइस इंडेक्स' सितंबर में बढ़कर 112.5 हो गया, जो पिछले महीने 110.8 था। इससे कई प्रमुख सेक्टरों में थोक कीमतों में बढ़ोतरी का पता चलता है।
जारी आंकड़ों के अनुसार, WPI महंगाई दर में यह बढ़ोतरी मिनरल ऑयल, खाद्य पदार्थों, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, कोयला और लिग्नाइट, बेसिक मेटल्स, केमिकल्स और केमिकल प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल्स, रबर और प्लास्टिक प्रोडक्ट्स तथा इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट की कीमतों में वृद्धि के कारण हुई। प्रमुख कैटेगरीज़ में, 'ईंधन और बिजली' (Fuel and Power) में सितंबर में सबसे ज़्यादा सालाना महंगाई दर 25.85 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि अगस्त में यह 22.93 प्रतिशत थी। इस सेगमेंट का इंडेक्स इस अवधि के दौरान 108.3 से बढ़कर 110.5 हो गया।
'मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स' (निर्मित उत्पादों) में महंगाई दर अगस्त के 8.37 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 9.76 प्रतिशत हो गई, जबकि इंडेक्स 108.8 से बढ़कर 110.2 हो गया। 'प्राइमरी आर्टिकल्स' (प्राथमिक वस्तुओं) में भी महंगाई दर पिछले महीने के 7.76 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 8.67 प्रतिशत हो गई और इंडेक्स 118.1 से बढ़कर 120.3 हो गया। WPI फूड इंडेक्स, जिसका कुल इंडेक्स में 24.99 प्रतिशत वेटेज (भारांश) है, ने सितंबर में 8.66 प्रतिशत की सालाना महंगाई दर दर्ज की, जो अगस्त में 7.05 प्रतिशत थी।
आंकड़ों में यह स्पष्ट किया गया है कि फूड इंडेक्स में 'प्राइमरी आर्टिकल्स' ग्रुप के तहत आने वाले खाद्य पदार्थ और 'मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स' कैटेगरी के तहत आने वाले खाद्य उत्पादों का निर्माण शामिल है। पिछले महीने के डेटा के बारे में, मंत्रालय ने कहा कि जुलाई 2026 के लिए फ़ाइनल WPI इंडेक्स, शुरुआती आंकड़ों की तुलना में 110.0 पर ही बना रहा। नतीजतन, जुलाई के लिए फ़ाइनल WPI महंगाई दर 9.78 प्रतिशत रही।
जुलाई के लिए फ़ाइनल WPI इंडेक्स को 2022-23 के बेस ईयर के आधार पर 98.97 प्रतिशत की वेटेड रिस्पॉन्स रेट का इस्तेमाल करके तैयार किया गया था। सितंबर के लिए शुरुआती इंडेक्स 83.4 प्रतिशत की वेटेड रिस्पॉन्स रेट के साथ तैयार किया गया था।
इसके अलावा, सभी कमोडिटीज़ के लिए ऑल इंडिया आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) सितंबर में 112.5 रहा, जबकि अगस्त में यह 110.8 था।
अलग-अलग सेक्टरों में, माइनिंग और क्वारीइंग के लिए आउटपुट PPI अगस्त के 122.0 से बढ़कर सितंबर में 129.2 हो गया। एग्रीकल्चर, फॉरेस्ट्री और फिशिंग के लिए यह 116.5 से बढ़कर 118.7 हो गया, जबकि मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स के लिए यह 109.7 से बढ़कर 111.0 हो गया। इलेक्ट्रिसिटी इंडेक्स भी अगस्त के 90.9 से बढ़कर सितंबर में 92.0 हो गया। जुलाई 2026 के लिए फ़ाइनल आउटपुट इंडेक्स, शुरुआती आंकड़ों की तुलना में 109.9 पर ही बना रहा।