Uttar Pradesh government presented a budget of Rs 9.13 lakh crore for the financial year 2026-27.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 9.13 लाख करोड़ रुपये का बजट बुधवार को पेश किया जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 12.2 प्रतिशत अधिक है।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने पिछले वर्ष 20 फरवरी को राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8,08,736 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था।
सदन के समक्ष बजट पेश करते हुए खन्ना ने कहा कि राज्य सरकार राजकोषीय प्रबंधन एवं ऋण नियंत्रण के लिए हमेशा पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि बजट में 43,565.33 करोड़ रुपये की नई योजनाएं शामिल की गई हैं।
खन्ना ने बताया कि समेकित निधि की प्राप्तियों से कुल व्यय घटाने के पश्चात 64,463.17 करोड़ रुपये का घाटा अनुमानित है। राजकोषीय घाटा 1,18,480.59 करोड़ रुपये अनुमानित है जो वर्ष के लिए अनुमानित सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 2.98 प्रतिशत है।
इसे राज्य में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की 18वीं विधानसभा का आखिरी पूर्ण बजट माना जा रहा है। इस बजट में सरकार ने रोजगार, अवस्थापना विकास और चिकित्सा स्वास्थ्य समेत विभिन्न मदों को खास तवज्जो दी है।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने पूर्वाह्न 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत 9,12,696.35 करोड़ रुपये का बजट पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 12.2 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने कहा, ‘‘ इस बजट में पूंजीगत परिव्यय 19.5 प्रतिशत है। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार की गई 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे की सीमा तीन प्रतिशत निर्धारित की गई है। यह सीमा 2030-31 तक प्रभावी रहेगी।’’