मुंबई
रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बैंकों द्वारा लाभांश (डिविडेंड) घोषणा और मुनाफे की रेमिटेंस पर नए "RBI (प्रूडेंशियल नियम – लाभांश और मुनाफे की रेमिटेंस) निर्देश, 2026" का ड्राफ्ट जारी किया है और इसके संबंध में आम जनता और हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं।
RBI ने कहा कि उसने भारत में शाखा मोड में संचालित विदेशी बैंकों के लाभांश और मुनाफे की रेमिटेंस से जुड़े मौजूदा प्रूडेंशियल नियमों की समीक्षा की। इसके आधार पर 2 जनवरी 2024 को ड्राफ्ट नियमों का पहला संस्करण जनता के लिए जारी किया गया था। अब प्राप्त सुझावों और परामर्शों के आधार पर RBI ने अधिक प्रभावी और संशोधित ढांचा तैयार किया है, जिसमें अधिकतम योग्य लाभांश की गणना की नई पद्धति प्रस्तावित की गई है।
इस ड्राफ्ट फ्रेमवर्क में कुल पांच सेट के निर्देश शामिल हैं:
वाणिज्यिक बैंक – लाभांश और मुनाफे की रेमिटेंस पर प्रूडेंशियल नियम, 2026
स्मॉल फाइनेंस बैंक – लाभांश पर प्रूडेंशियल नियम, 2026
पेमेंट बैंक – लाभांश पर प्रूडेंशियल नियम, 2026
रीजनल रूरल बैंक – लाभांश पर प्रूडेंशियल नियम, 2026
लोकल एरिया बैंक – लाभांश पर प्रूडेंशियल नियम, 2026
ड्राफ्ट दिशानिर्देशों के अनुसार वाणिज्यिक बैंक तभी लाभांश घोषित कर सकेंगे या मुनाफा रेमिट कर सकेंगे, जब वे कुछ प्रूडेंशियल शर्तों का पालन करें। इसमें पिछली वित्तीय वर्ष की पूंजी आवश्यकताओं का पालन और लाभांश भुगतान के बाद भी पूंजी आवश्यकताओं को बनाए रखना शामिल है। भारत में स्थापित बैंकों के लिए संबंधित अवधि में समायोजित शुद्ध लाभ (Adjusted PAT) सकारात्मक होना अनिवार्य है। वहीं, शाखा मोड में संचालित विदेशी बैंकों के लिए मुनाफा रेमिट करने के लिए PAT सकारात्मक होना जरूरी है।
इसी तरह की शर्तें स्मॉल फाइनेंस बैंक, पेमेंट बैंक, रीजनल रूरल बैंक और लोकल एरिया बैंक पर भी लागू होंगी। इन बैंकों को लाभांश भुगतान से पहले और बाद में पूंजी आवश्यकताओं का पालन करना होगा, संबंधित वर्ष के लिए समायोजित PAT सकारात्मक होना चाहिए और RBI या किसी अन्य प्राधिकरण द्वारा लाभांश घोषणा पर कोई रोक नहीं होनी चाहिए।
RBI ने कहा कि ड्राफ्ट निर्देशों पर सुझाव 5 फरवरी 2026 तक आमंत्रित हैं। हितधारक अपने सुझाव और फीडबैक RBI की वेबसाइट के ‘Connect2Regulate’ सेक्शन के माध्यम से भेज सकते हैं।