उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में सेंसेक्स 114 अंक टूटा, निफ्टी स्थिर

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 07-05-2026
Sensex sheds 114 points in volatile trade, Nifty steady
Sensex sheds 114 points in volatile trade, Nifty steady

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
विदेशी कोषों की निकासी तथा वैश्विक अनिश्चितता के बीच बृहस्पतिवार को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में स्थानीय शेयर बाजार में मामूली गिरावट आई। निवेशकों के सतर्क रुख के चलते सेंसेक्स 114 अंक टूट गया, जबकि निफ्टी लगभग स्थिर रुख के साथ बंद हुआ।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स कारोबार के दौरान ऊपर-नीचे होने के बाद अंत में 114 अंक यानी 0.15 प्रतिशत टूटकर 77,844.52 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 78,384.70 अंक के उच्चस्तर तक गया और 77,713.21 अंक के निचले स्तर तक आया। सेंसेक्स में 671.49 अंक का उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
 
वहीं 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 4.30 अंक यानी 0.02 प्रतिशत के मामूली नुकसान के साथ 24,326.65 अंक पर बंद हुआ।
 
सेंसेक्स के शेयरों में हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा, टाइटन, सन फार्मा और आईटीसी में गिरावट आई।
 
दूसरी ओर, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एनटीपीसी, कोटक महिंद्रा बैंक और टाटा स्टील के शेयर लाभ में रहे।
 
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.23 प्रतिशत के नुकसान के साथ 99 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
 
ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा, ‘‘भारतीय शेयर बाजार लगभग स्थिर रहे क्योंकि निवेशक अमेरिकी शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। निफ्टी लगभग स्थिर रुख के साथ बंद हुआ।’’
 
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 5,834.90 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
 
अन्य एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त में रहे।
 
दोपहर के कारोबार में यूरोपीय बाजारों में गिरावट थी। अमेरिकी बाजार बुधवार को लाभ के साथ बंद हुए थे।
 
लेमन मार्केट्स डेस्क के शोध विश्लेषक गौरव गर्ग ने कहा, ‘‘भारतीय शेयर बाजार आज थोड़े सतर्कता भरे माहौल में बंद हुए। विदेशी निवेशकों की निरंतर निकासी और कमजोर वैश्विक संकेतों का बाजार पर दबाव रहा। भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने भी निवेशकों के भरोसे को प्रभावित किया है जिससे जोखिम लेने की धारणा पर असर पड़ा है।’’