आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
रुपया शुरुआती गिरावट से उबरते हुए बृहस्पतिवार को 23 पैसे की बढ़त के साथ 94.26 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ। ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी डॉलर सूचकांक के ऊपरी स्तर से नीचे आने से घरेलू मुद्रा को समर्थन मिला।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच शांति की उम्मीदों से ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई हैं। हालांकि विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी और आयातकों की सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की मांग जैसे कारकों ने रुपये की तीव्र वृद्धि को सीमित कर दिया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अत्यधिक अस्थिर रहा। यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.77 पर खुला जो पिछले बंद भाव से 28 पैसे कम है। कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले 94.90 के निचले और 94.08 के उच्च स्तर तक पहुंचा।
कारोबार के अंत में रुपया 94.26 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर रहा जो पिछले बंद भाव से 23 पैसे की वृद्धि दर्शाता है। बुधवार को रुपया 69 पैसे मजबूत होकर 94.49 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘अमेरिका एवं ईरान के बीच तनाव कम होने और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने से वैश्विक जोखिम संबंधी धारणा सुधरने से रुपये के मजबूत होने की उम्मीद है। अमेरिकी डॉलर में गिरावट भी रुपये को समर्थन दे सकती है।’’
चौधरी ने कहा, ‘‘हालांकि आयातकों की ओर से डॉलर की मांग और विदेशी निवेशकों की निकासी से तेज बढ़त सीमित हो सकती है। डॉलर के मुकाबले रुपये के हाजिर भाव के 93.80 से 94.40 के बीच रहने के आसार हैं।’’