Sensex jumps 373 points, Nifty rises 0.19 pc at open as IT stocks rally despite global tech sell-off
मुंबई (महाराष्ट्र)
शुक्रवार को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क बढ़त के साथ खुले। इस रिपोर्ट को लिखे जाने के समय, IT शेयरों की अगुवाई में सेंसेक्स 372.76 अंक (0.51%) चढ़कर 73,622.15 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 में 43.75 अंक (0.19%) की तेजी आई और यह 22,731.40 पर आ गया। BSE सेंसेक्स 73,665.64 पर खुला, जबकि पिछली बार यह 73,249.39 पर बंद हुआ था। वहीं, NSE निफ्टी 50 ने 22,742.20 के स्तर से कारोबार की शुरुआत की, जबकि पिछली बार यह 22,687.65 पर बंद हुआ था।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वी.के. विजयकुमार ने कहा कि ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल (114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचना) अर्थव्यवस्था और इक्विटी बाजारों के लिए एक बड़ी नकारात्मक खबर है। हालांकि, उन्होंने बताया कि US बॉन्ड यील्ड और रुपये में सकारात्मक बदलाव, साथ ही जियो प्लेटफॉर्म्स IPO में फंसी रकम की वापसी, घरेलू बाजार को सहारा दे सकती है। विजयकुमार ने कहा, "US 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में 4.96% तक की भारी गिरावट और डॉलर के मुकाबले रुपये का 94.70 के स्तर तक मजबूत होना, ऐसे सकारात्मक संकेत हैं जो FII (विदेशी संस्थागत निवेशकों) की बिकवाली को काफी हद तक रोक सकते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स IPO के अलॉटमेंट (शेयर आवंटन) के बाद वित्तीय प्रणाली में वापस आने वाली लिक्विडिटी (नकदी), आने वाले सप्ताह में बाजार के लिए एक बड़ा उत्प्रेरक (catalyst) साबित हो सकती है। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में IPO में जो 3.73 लाख करोड़ रुपये आए थे, उनमें से 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की रकम अगले सोमवार तक अलॉटमेंट प्रक्रिया पूरी होने के बाद वापस सिस्टम में आ सकती है। विजयकुमार के अनुसार, लिक्विडिटी के इस प्रवाह से बाजार का सेंटिमेंट बेहतर हो सकता है, और फंड के वापस आने की उम्मीद में इक्विटी बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी तरह की रिकवरी में लार्ज-कैप शेयरों की अहम भूमिका हो सकती है, क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच भी इन शेयरों ने मजबूती दिखाई है। व्यापक बाजार, खासकर स्मॉल-कैप शेयरों पर दबाव बना रह सकता है, क्योंकि लिक्विडिटी (नकदी) की वजह से बढ़े हुए उनके वैल्युएशन की जांच-परख की जा रही है, न कि उनके वास्तविक फंडामेंटल के आधार पर।
उन्होंने कहा, "उचित वैल्युएशन वाले लार्ज-कैप शेयर, खासकर वे जो अच्छा विकास कर रहे हैं, धैर्य रखने वाले निवेशकों के लिए खरीदारी के अच्छे मौके पेश करते हैं।"
ई-मुद्रा लिमिटेड (eMudhra Ltd) के शेयर 19 अक्टूबर को 540.15 रुपये पर बंद हुए थे, जो गिरकर 343.05 रुपये पर आ गए हैं। यानी इनमें 197.10 रुपये या लगभग 36.5 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह गिरावट कंपनी के ग्लोबल डिजिटल सर्टिफिकेट कारोबार में आठ इंटरमीडिएट सर्टिफिकेट अथॉरिटी कीज़ से जुड़ी एक सुरक्षा घटना के बाद आई है, जिससे फर्जी सर्टिफिकेट जारी होने की आशंका को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
इस बीच, अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी गिरावट के बावजूद घरेलू बाजार बढ़त के साथ खुले। नैस्डैक (Nasdaq) में 2.6 प्रतिशत और S&P 500 में 1.2 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones Industrial Average) में मामूली बढ़त देखी गई। एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) 3 प्रतिशत और जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) 1.9 प्रतिशत गिर गया।
निफ्टी 50 (Nifty 50) में शामिल शेयरों में, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) सबसे आगे रही, जिसमें 3.73 प्रतिशत की तेजी आई। इसके बाद इन्फोसिस (Infosys) में 3.10 प्रतिशत और HCL टेक्नोलॉजीज (HCL Technologies) में 2.44 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) 1.20 प्रतिशत, भारती एयरटेल (Bharti Airtel) 0.83 प्रतिशत और रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) 0.48 प्रतिशत ऊपर चढ़े।
दूसरी ओर, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (Hindalco Industries) में 1.47 प्रतिशत, अडानी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) में 1.35 प्रतिशत और अडानी पोर्ट्स (Adani Ports) में 0.80 प्रतिशत की गिरावट आई। टाटा स्टील (Tata Steel) 0.74 प्रतिशत नीचे आया, जबकि ट्रेंट (Trent) और टाइटन (Titan) के शेयरों में भी गिरावट देखी गई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो, निफ्टी IT इंडेक्स में 2.72 प्रतिशत की तेजी आई, जबकि निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.24 प्रतिशत गिर गया। रियल्टी में 0.91 प्रतिशत और मीडिया में 0.67 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई; इसके अलावा ऑटो और PSU बैंक शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली।
ब्रेंट क्रूड 0.47 प्रतिशत की बढ़त के साथ 113.70 USD प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जबकि क्रूड ऑयल 0.59 प्रतिशत बढ़कर 100.05 USD प्रति बैरल पर पहुंच गया।
बाजार विशेषज्ञों ने इस सत्र के लिए कुछ अहम तकनीकी स्तरों (टेक्निकल लेवल्स) की ओर भी इशारा किया। एक्सिस डायरेक्ट में डेरिवेटिव्स और टेक्निकल रिसर्च के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट, हेमांग गोर ने कहा कि अगर निफ्टी अपने 22,800 के रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर टिका रहता है, तो इसमें 23,000 के स्तर तक 'शॉर्ट-कवरिंग रैली' देखने को मिल सकती है। वहीं, 22,500 का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल बना हुआ है।
कोटक नियो के श्रीकांत चौहान ने बताया कि निफ्टी और सेंसेक्स के लिए क्रमशः 22,600/73,200 और 22,550/73,000 महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल होंगे। अगर बाजार में लगातार रिकवरी बनी रहती है, तो निफ्टी 22,800 और उसके बाद 23,000 के स्तर तक जा सकता है। वहीं, 22,550 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है, जिससे इंडेक्स 22,450–22,350 के स्तर तक गिर सकता है।