ठंड, शादी-विवाह की मांग बढ़ने से बीते सप्ताह अधिकांश तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 11-01-2026
Prices of most oilseeds and oilseeds improved last week due to cold weather and increased wedding demand.
Prices of most oilseeds and oilseeds improved last week due to cold weather and increased wedding demand.

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 ठंड के मौसम की मांग के अलावा शादी-विवाह के मौसम की मांग बढ़ने से बीते सप्ताह देश के तेल-तिलहन बाजारों में अधिकांश तेल-तिलहनों के दाम मजबूत बंद हुए। बीते सप्ताह सुस्त कामकाज के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के दाम पूर्व सप्ताहांत के ही दाम पर स्थिर बने रहे।

इस साप्ताहिक दाम में मजबूती के बावजूद सूरजमुखी, सोयाबीन, कपास नरमा, मूंगफली जैसे तिलहन के दाम अभी भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे ही बने हुए हैं। सोयाबीन और सरसों का जो अंतर दो-तीन माह पूर्व लगभग 40 रुपये किलो का था, वह अब घटकर 8-10 रुपये किलो रह गया है। उल्लेखनीय है कि अधिक दाम होने की वजह से सरसों तेल की खपत का स्तर कमजोर था। सस्ता होने और जाड़े में ठंड की मांग होने की वजह से सोयाबीन तेल की मांग बढ़ी है।
 
बाजार सूत्रों ने कहा कि देश में विशेष रूप से सूरजमुखी तेल, सोयाबीन डीगम तेल और पाम-पामोलीन का आयात होता है। अगर किसी एक तेल का आयात कम होता है तो इसका दवाब बाकी अन्य तेलों पर आता है। किसी खाद्यतेल के आयात की घट-बढ़ के हिसाब बाकी तेलों के दाम में भी तेजी या गिरावट आती है।
 
पिछले नवंबर-दिसंबर के महीने में देश के आयातक बैंकों में अपना ऋणसाख पत्र (एलसी) को चलन में बनाये रखने के लिए आयात की लागत से लगभग 3-7 प्रतिशत कम दाम पर आयात किया गया खाद्यतेल (सोयाबीन डीगम तेल) बेचते आ रहे थे। इस वजह से मौजूदा समय में आयात कम होने की स्थिति हो गयी है। अगर इसकी कमी को पूरा करने का प्रयास भी हो तो इसमें विदेशों के आयात करने में 45-50 दिन क समय लगता है। देश में सूरजमुखी तेल का आयात इसलिए कम हुआ कि विदेशों में इसके दाम ऊंचे थे जबकि सोयाबीन डीगम तेल का आयात इसलिए कम हुआ कि आयातक घाटे का सौदा करते हुए लगातार लागत से कम दाम पर डीगम तेल बेच रहे थे।