वॉशिंगटन
Microsoft और OpenAI ने अपनी बहुचर्चित साझेदारी में बड़ा बदलाव करते हुए नए समझौते का ऐलान किया है। इस संशोधित डील के तहत दोनों कंपनियों ने पुराने एक्सक्लूसिव नियमों को आसान बनाया है, जिससे OpenAI अब अन्य क्लाउड प्लेटफॉर्म्स पर भी अपने प्रोडक्ट्स और सेवाओं का विस्तार कर सकेगी। यह फैसला वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बाजार में नई प्रतिस्पर्धा और बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
Microsoft ने अपने आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि नई व्यवस्था का उद्देश्य “लचीलापन, स्पष्टता और एआई के लाभों को व्यापक रूप से उपलब्ध कराना” है। कंपनी के अनुसार, यह समझौता दोनों कंपनियों को नई संभावनाओं की तलाश करने और उन्नत एआई प्लेटफॉर्म विकसित करने में मदद करेगा।
नए समझौते के तहत Microsoft, OpenAI का प्राथमिक क्लाउड पार्टनर बना रहेगा। इसका मतलब है कि OpenAI के प्रमुख उत्पाद, जिनमें ChatGPT जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं, पहले Microsoft Azure पर लॉन्च होते रहेंगे। हालांकि, अब OpenAI को यह स्वतंत्रता होगी कि वह अपनी सेवाएं अन्य क्लाउड कंपनियों के साथ भी उपलब्ध करा सके।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि पहले OpenAI की क्लाउड सेवाओं में Microsoft को विशेष अधिकार प्राप्त थे। अब OpenAI प्रतिस्पर्धी क्लाउड कंपनियों के साथ नए व्यावसायिक समझौते कर सकेगी, जिससे उसका कारोबारी दायरा और तेजी से बढ़ सकता है।
समझौते के तहत Microsoft को OpenAI के मॉडल्स और प्रोडक्ट्स से जुड़ी बौद्धिक संपदा (IP) तक वर्ष 2032 तक पहुंच बनी रहेगी, लेकिन अब यह अधिकार एक्सक्लूसिव नहीं होगा। यानी अन्य कंपनियां भी OpenAI तकनीक तक पहुंच बना सकती हैं, यदि अलग समझौते किए जाते हैं।
एक और बड़ा बदलाव यह है कि Microsoft पर अब OpenAI के साथ राजस्व साझा करने की बाध्यता नहीं रहेगी। हालांकि OpenAI, Microsoft को 2030 तक पहले तय प्रतिशत के अनुसार भुगतान जारी रखेगी, लेकिन यह भुगतान एक निर्धारित सीमा तक सीमित रहेगा।
Microsoft ने यह भी स्पष्ट किया कि वह OpenAI में एक बड़े निवेशक और शेयरधारक के रूप में अपनी भूमिका जारी रखेगी। कंपनी का कहना है कि संरचनात्मक बदलावों के बावजूद दोनों कंपनियों के बीच सहयोग पहले की तरह मजबूत रहेगा।
दोनों कंपनियां डेटा सेंटर क्षमता बढ़ाने, अगली पीढ़ी के चिप्स विकसित करने और एआई आधारित साइबर सुरक्षा समाधानों पर मिलकर काम करती रहेंगी। Microsoft ने 2019 से OpenAI में अरबों डॉलर का निवेश किया है, जिससे उसके Azure क्लाउड बिजनेस को भी बड़ा फायदा मिला।
तकनीकी जानकारों का मानना है कि यह समझौता एआई उद्योग में शक्ति संतुलन बदल सकता है। OpenAI को अब अधिक स्वतंत्रता मिलेगी, जबकि Microsoft अपनी रणनीतिक हिस्सेदारी और तकनीकी पहुंच बनाए रखेगा।
यह डील ऐसे समय आई है जब दुनिया भर में एआई सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है और कंपनियां बेहतर तकनीक, तेज क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षित डिजिटल समाधान विकसित करने की दौड़ में लगी हैं। Microsoft और OpenAI का यह नया कदम आने वाले वर्षों में एआई बाजार की दिशा तय कर सकता है।