आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
निजी क्षेत्र के कोटक महिंद्रा बैंक का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी (जुलाई-सितंबर) तिमाही में 26 प्रतिशत बढ़कर 5,645 करोड़ रुपये हो गया।
बैंक ने शनिवार को बताया कि उसने एकल आधार पर 29 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 4,212 करोड़ रुपये का कर पश्चात लाभ (पीएटी) दर्ज किया।
कोटक महिंद्रा बैंक की शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) 16 प्रतिशत बढ़कर 8,459 करोड़ रुपये रही। शुद्ध अग्रिम में 25 प्रतिशत की वृद्धि से इसे समर्थन मिला, हालांकि शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) में 0.23 प्रतिशत की गिरावट ने इस वृद्धि को कुछ सीमित किया।
बैंक ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की रियायती स्वैप सुविधा के तहत 55,344 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा प्रवासी (बैंकिंग) यानी एफसीएनआर (बी) जमा जुटाने के कारण समीक्षाधीन तिमाही में शुद्ध ब्याज मार्जिन पर दबाव पड़ा।
परिसंपत्ति गुणवत्ता के मोर्चे पर बैंक का प्रदर्शन बेहतर रहा। समीक्षाधीन तिमाही में नए फंसे कर्ज में शामिल होने वाली राशि घटकर 1,230 करोड़ रुपये रह गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 1,629 करोड़ रुपये थी।
बैंक का सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (जीएनपीए) अनुपात भी सितंबर, 2025 के 1.39 प्रतिशत से सुधार के साथ सितंबर, 2026 में 1.04 प्रतिशत पर आ गया।