मक्का में सुरक्षा अलर्ट, दस मिनट में यूं टल गया खतरा !

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 24-10-2026
Security alert in Mecca; this is how a threat was averted in ten minutes!
Security alert in Mecca; this is how a threat was averted in ten minutes!

 

आवाज द वाॅयस/रियाद

 सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का में शनिवार को उस समय चिंता बढ़ गई, जब सिविल डिफेंस ने संभावित हवाई खतरे को लेकर आपातकालीन चेतावनी जारी की। मक्का अल मुकर्मा क्षेत्र के निवासियों को मोबाइल पर राष्ट्रीय आपातकालीन चेतावनी मंच के जरिए सतर्क किया गया और उन्हें नजदीकी सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई। हालांकि, करीब दस मिनट बाद अधिकारियों ने एक दूसरी सूचना जारी कर बताया कि खतरा टल गया है। इसके बाद मक्का सहित पश्चिमी सऊदी अरब के अन्य शहरों में जारी अलर्ट वापस ले लिए गए।

यह चेतावनी ऐसे समय में सामने आई, जब क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन से जुड़े सुरक्षा घटनाक्रम को लेकर सतर्कता बढ़ी हुई है। सऊदी अरब के अधिकारियों ने शुरुआती अलर्ट में संभावित खतरे की जानकारी दी, लेकिन मक्का के लिए चेतावनी जारी करने की वजह तत्काल स्पष्ट नहीं की। इसलिए यह कहना उचित नहीं होगा कि मक्का को सीधे किसी मिसाइल का निशाना बनाया गया था।

जेद्दा, ताइफ और यानबू में भी जारी हुआ अलर्ट

मक्का के अलावा जेद्दा, ताइफ और यानबू में भी सुरक्षा चेतावनी जारी की गई। इस तरह सऊदी अरब के पश्चिमी हिस्से के चार प्रमुख शहरों में लोगों को थोड़े समय के लिए सतर्क रहने को कहा गया। जेद्दा लाल सागर के तट पर स्थित एक प्रमुख शहर है, जबकि ताइफ मक्का क्षेत्र का महत्वपूर्ण शहर है। यानबू भी लाल सागर के किनारे स्थित एक प्रमुख औद्योगिक और बंदरगाह क्षेत्र है।

सऊदी सिविल डिफेंस ने लोगों से कहा कि वे घबराएं नहीं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। चेतावनी के दौरान नागरिकों को नजदीकी सुरक्षित इमारत या खिड़कियों से दूर किसी अंदरूनी कमरे में जाने की सलाह दी गई। कुछ ही मिनटों बाद खतरा समाप्त होने की सूचना जारी होने से लोगों को राहत मिली।

हालांकि, अधिकारियों की ओर से शुरुआती चेतावनी के पीछे की वजह का स्पष्ट विवरण सामने नहीं आने के कारण यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुआ कि चारों शहरों में एक साथ अलर्ट जारी करने का तत्काल कारण क्या था।

यमन से दागी गईं दो बैलिस्टिक मिसाइलें, सऊदी गठबंधन का दावा

सुरक्षा अलर्ट के बीच सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल मलिकी ने बताया कि यमन की ओर से ताइफ और यानबू की दिशा में दागी गईं दो बैलिस्टिक मिसाइलों को वायु रक्षा प्रणालियों ने नष्ट कर दिया। गठबंधन ने यह नहीं कहा कि इन मिसाइलों का निशाना मक्का था।

इससे पहले शनिवार को गठबंधन ने रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को भी रोकने की जानकारी दी थी। पूर्वी प्रांत में एक ड्रोन को भी रोकने का दावा किया गया। इन घटनाओं के बीच पश्चिमी सऊदी अरब में जारी सुरक्षा चेतावनियों ने क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव की ओर ध्यान खींचा है।

हालांकि, मक्का, जेद्दा, ताइफ और यानबू में जारी अलर्ट के दौरान किसी के हताहत होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की पुष्टि उपलब्ध शुरुआती रिपोर्टों में नहीं की गई। अधिकारियों ने भी मक्का के लिए जारी चेतावनी का अलग से विस्तृत कारण नहीं बताया।

सऊदी सिविल डिफेंस ने लोगों को क्या निर्देश दिए?

सऊदी अरब के सिविल डिफेंस ने आपातकालीन चेतावनी मिलने पर लोगों को सुरक्षित रहने के लिए कई निर्देश जारी किए। नागरिकों से कहा गया कि वे घबराने के बजाय आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और खतरा टलने की घोषणा होने तक सुरक्षित स्थान पर रहें।

लोगों को खिड़कियों और कांच से दूर रहने, बालकनी और छत पर नहीं जाने तथा खुले स्थानों से बचने की सलाह दी गई। यदि कोई व्यक्ति बाहर हो, तो उसे नजदीकी सुरक्षित इमारत में जाने को कहा गया। वाहन चला रहे लोगों को पुलों और ऊंची इमारतों से दूर सुरक्षित जगह पर गाड़ी रोकने की सलाह दी गई।

प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी कि मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की सैन्य कार्रवाई से संबंधित तस्वीरें या सूचनाएं साझा न करें। अधिकारियों के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में अफवाहों से बचना और आधिकारिक निर्देशों का पालन करना जरूरी है।

आपात स्थिति में मक्का, मदीना, रियाद और पूर्वी प्रांत में 911 पर संपर्क किया जा सकता है। सऊदी अरब के अन्य क्षेत्रों के लिए आपातकालीन नंबर 998 है।

यमन संघर्ष के बीच बढ़ी सुरक्षा की चिंता

मक्का में जारी ताजा अलर्ट को यमन और सऊदी अरब के बीच बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। यमन में हूती आंदोलन और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच लंबे समय से संघर्ष चला आ रहा है। हाल के दिनों में मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरों ने सऊदी अरब के कई शहरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है।

मक्का इस्लाम का सबसे पवित्र शहर है। यहां मस्जिद अल हरम और काबा स्थित हैं। दुनिया भर से लाखों मुसलमान हज और उमरा के लिए यहां पहुंचते हैं। इसलिए मक्का में किसी भी सुरक्षा चेतावनी को धार्मिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष महत्व दिया जाता है।

फिलहाल शनिवार को जारी चेतावनियों के बाद सिविल डिफेंस ने खतरा टलने की सूचना दे दी। लेकिन अधिकारियों की ओर से अलर्ट के मूल कारण पर विस्तृत जानकारी नहीं दिए जाने के कारण घटना से जुड़े कुछ सवाल बने हुए हैं।

सवाल और जवाब

प्रश्न: 24 अक्टूबर 2026 को मक्का में क्या हुआ?

उत्तर: सऊदी सिविल डिफेंस ने मक्का और पश्चिमी सऊदी अरब के तीन अन्य शहरों में संभावित खतरे का अलर्ट जारी किया। करीब दस मिनट बाद खतरा टलने की सूचना दी गई।

प्रश्न: क्या मक्का की ओर मिसाइल दागी गई थी?

उत्तर: उपलब्ध रिपोर्टों में मक्का को निशाना बनाकर मिसाइल दागे जाने की पुष्टि नहीं हुई। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने ताइफ और यानबू की दिशा में दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करने का दावा किया।

प्रश्न: किन शहरों में सुरक्षा अलर्ट जारी हुआ?

उत्तर: मक्का, जेद्दा, ताइफ और यानबू में चेतावनी जारी की गई थी। बाद में सभी संबंधित अलर्ट वापस ले लिए गए