भारत को नुकसान, अमेरिका को चोट: अमेरिकी प्रतिनिधि ने टैरिफ के असर पर जताई चिंता

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 11-12-2025
India suffers, America gets hurt: US representative expresses concern over the impact of tariffs.
India suffers, America gets hurt: US representative expresses concern over the impact of tariffs.

 

वॉशिंगटन

अमेरिकी प्रतिनिधि प्रमिला जयपाल ने भारत-अमेरिका संबंधों पर बढ़ते व्यापार अवरोधों और आव्रजन नीतियों के नकारात्मक प्रभाव को लेकर गहरी चिंता जताई है। हाउस फॉरेन अफेयर्स कमिटी की साउथ एंड सेंट्रल एशिया सबकमेटी की सुनवाई‘यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप: ए फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक को सुरक्षित करना’—में उन्होंने कहा कि दोनों देशों में बढ़ रहे टैरिफ न सिर्फ भारत की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि अमेरिकी व्यवसायों और उपभोक्ताओं को भी चोट पहुँचा रहे हैं।

जयपाल ने कहा, “हम दोनों देशों में टैरिफ से जुड़े गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। ये टैरिफ भारत की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं और साथ ही अमेरिकी व्यवसायों और उपभोक्ताओं को भी प्रभावित कर रहे हैं।”

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उनके गृह राज्य वॉशिंगटन में एक 120 वर्ष पुराने परिवार-नियंत्रित व्यवसाय को भारत से कृषि उत्पाद आयात करने में भारी दिक्कतें आ रही हैं।“उन्होंने बताया कि मौजूदा टैरिफ उनके व्यवसाय के लिए अब तक का सबसे बड़ा खतरा हैं। अगर स्थिति नहीं सुधरी, तो उन्हें कर्मचारियों की छंटनी या उत्पादन को विदेश स्थानांतरित करने पर मजबूर होना पड़ेगा,” जयपाल ने कहा।

जयपाल ने इन व्यापारिक मुद्दों को अमेरिका की हालिया आव्रजन नीतियों से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रशासन द्वारा वैध आव्रजन मार्गों को सीमित किए जाने से भारत-अमेरिका लोगों के बीच संपर्क कमजोर हो रहा है—और यह ऐतिहासिक रूप से भेदभावपूर्ण कोटा प्रणाली की याद दिलाता है, जिसने भारतीयों के लिए अमेरिका आना बेहद कठिन बना दिया था।

उनकी ये टिप्पणियाँ ऐसे समय पर आई हैं जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को भारत के चावल निर्यात पर नए टैरिफ लगाने की चेतावनी दी। ट्रंप का आरोप है कि भारत अमेरिकी बाजार में “सस्ता चावल डंप” कर रहा है, जिससे अमेरिकी किसानों को नुकसान हो रहा है। इसी बैठक में उन्होंने अमेरिकी किसानों के लिए 12 अरब डॉलर का सहायता पैकेज भी घोषित किया।

अमेरिकी किसानों ने भारत, वियतनाम और थाईलैंड से आने वाले कम कीमत वाले आयात पर असंतोष जताया था। इसके जवाब में ट्रंप ने कहा कि भारत पर अतिरिक्त शुल्क क्यों नहीं लगाया गया और आश्वासन दिया कि वह इस “डंपिंग” पर कार्रवाई करेंगे।

इस बीच, 10-11 दिसंबर को भारत में चल रही द्विपक्षीय व्यापार वार्ताएं पहले ही धीमी प्रगति से जूझ रही थीं। बाजार पहुंच और टैरिफ को लेकर मतभेद ने वार्ता को और पेचीदा बना दिया है।

अमेरिका ने अगस्त 2025 में अधिकांश भारतीय उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाया था, विशेषकर रूस के तेल आयात को लेकर मतभेद के बाद। अब ट्रंप की नई चेतावनी ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव को और तीखा कर दिया है और आगे और टकराव की आशंका बढ़ा दी है।