दावोस (स्विट्ज़रलैंड)
लुलु मॉल के संस्थापक यूसुफ अली ने कहा है कि 56वें विश्व आर्थिक मंच (WEF) के दौरान हस्ताक्षरित समग्र आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA) भारतीय उत्पादों के लिए कर्तव्य-मुक्त प्रवेश सुनिश्चित करेगा और इसके विपरीत भी लागू होगा। इससे भारत के उद्योग, कृषि, विमानन और व्यापार क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर व्यापक अवसर प्राप्त होंगे।
ANI से बातचीत में यूसुफ अली ने कहा, “CEPA के माध्यम से अब सभी भारतीय उत्पाद बिना कस्टम ड्यूटी के अन्य देशों में प्रवेश कर सकते हैं, और विदेशी उत्पाद भी भारत में कर्तव्य-मुक्त पहुंचेंगे। यह समझौता भारतीय व्यापार, उद्योग, कृषि और विमानन उद्योग के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगा।”
अली ने सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और निवेशकों से की गई अपनी बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें भारत में निवेश की अपार संभावनाएँ नजर आईं। उन्होंने कहा, “मैंने गुजरात के उपमुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की, जो निवेश समर्थक नीतियों के लिए जाने जाते हैं। हम भारत में निवेश करेंगे। मैं सिर्फ समझौतों में विश्वास करता हूँ, MoU में नहीं। हम भारत में ही औपचारिक समझौते करेंगे।”
यूसुफ अली ने घरेलू उद्योगों की सुरक्षा पर भी जोर दिया और कहा, “हमें अपने घरेलू उद्योगों की रक्षा करनी होगी। हमारे दूरदर्शी नेता इसके अनुसार निर्णय लेंगे और उद्योगों को सुरक्षित बनाएंगे।”
इससे पहले, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि दावोस में अंतरराष्ट्रीय निवेशक स्पष्ट रूप से भारत को “ब्राइट स्पॉट” के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत की प्रगति, मजबूत लोकतंत्र और स्थिर आर्थिक माहौल ने इसे निवेश के लिए सबसे भरोसेमंद विकल्प बना दिया है।
वैष्णव ने कहा, “आज भारत को विश्व भर में एक भरोसेमंद वैल्यू चेन पार्टनर के रूप में देखा जा रहा है। वैश्विक अस्थिरता और कठिन परिस्थितियों के बावजूद, भारत एक स्थिर, जीवंत लोकतंत्र और सतत विकास वाला अर्थव्यवस्था वाला देश है।”
उन्होंने यह भी साझा किया कि निवेशकों और वैश्विक पैनलों से प्राप्त फीडबैक में स्पष्ट रूप से कहा गया कि “भारत आज एक ब्राइट स्पॉट के रूप में उभर रहा है।”
दावोस में कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडियन इंडस्ट्री (CII) और EY द्वारा आयोजित सत्र ‘Bet on India – Bank on the Future’ में अश्विनी वैष्णव ने बताया कि अगले पांच वर्षों में भारत की वास्तविक विकास दर 6-8 प्रतिशत और नाममात्र विकास दर 10-13 प्रतिशत तक रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि मध्यम मुद्रास्फीति और मजबूत आर्थिक विकास के समर्थन से होगी।