शंघाई
लगभग छह वर्षों के लंबे अंतराल के बाद भारत और चीन के बीच हवाई संपर्क की एक अहम कड़ी फिर से जुड़ गई है। एयर इंडिया ने शंघाई–नई दिल्ली के बीच अपनी सीधी उड़ान सेवाएं दोबारा शुरू कर दी हैं। इसे दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के संपर्क, व्यापार, शिक्षा और संस्थागत सहयोग की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
शंघाई स्थित भारत का महावाणिज्य दूतावास, शंघाई ने इस ऐतिहासिक उड़ान का गर्मजोशी से स्वागत किया। दूतावास के नेतृत्व में महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर ने कहा कि यह उड़ान भारत–चीन संबंधों में फिर से गति आने का ठोस संकेत है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पहली शंघाई–नई दिल्ली सीधी उड़ान आज शंघाई पुडोंग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से रवाना हुई, जिसमें 230 से अधिक यात्री सवार थे। यह उड़ान बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान से संचालित की गई। गौरतलब है कि कोविड-19 महामारी के शुरुआती दौर में, वर्ष 2020 में, भारत और चीन के बीच सीधी हवाई सेवाएं निलंबित कर दी गई थीं। अब करीब छह साल बाद इन सेवाओं की बहाली को द्विपक्षीय संपर्कों के सामान्यीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
इस अवसर पर बोलते हुए प्रतीक माथुर ने कहा,
“शंघाई और नई दिल्ली के बीच सीधी उड़ानों का फिर से शुरू होना भारत–चीन सहभागिता में नए उत्साह और गति का प्रतीक है। बेहतर हवाई संपर्क व्यापार, पर्यटन, शैक्षणिक आदान-प्रदान और लोगों से लोगों के संपर्क को आसान बनाता है, खासकर भारत और पूर्वी चीन के बीच।”
एयर इंडिया के अनुसार, यह मार्ग अब सप्ताह में चार दिन संचालित किया जाएगा। इसके लिए बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान का इस्तेमाल होगा, जिसमें आधुनिक केबिन, बेहतर आराम और उन्नत इन-फ्लाइट सेवाएं उपलब्ध हैं। कंपनी का कहना है कि दोनों देशों के बीच यात्रा की बढ़ती मांग और सीमा-पार आवाजाही में सुधार को देखते हुए इस सेवा को फिर से शुरू किया गया है।
यह उड़ान विशेष रूप से चीन के यांग्त्ज़ी रिवर डेल्टा क्षेत्र के लिए अहम मानी जा रही है, जो देश के सबसे गतिशील और आर्थिक रूप से मजबूत क्षेत्रों में से एक है। इस रूट के बहाल होने से भारत और चीन के बीच व्यापारिक गतिविधियों, शैक्षणिक सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
भारत का महावाणिज्य दूतावास, शंघाई ने अपने बयान में कहा कि वह आगे भी ऐसे सभी प्रयासों का समर्थन करता रहेगा, जो व्यापार, निवेश, पर्यटन, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग के माध्यम से दोनों देशों के बीच संपर्क और सहयोग को मजबूत करें।
कुल मिलाकर, शंघाई–नई दिल्ली सीधी उड़ानों की वापसी को न केवल एक परिवहन सेवा की बहाली के रूप में देखा जा रहा है, बल्कि इसे भारत–चीन संबंधों में विश्वास और व्यावहारिक सहयोग के पुनर्निर्माण की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है।




