AI investment boom faces growing credit risks as hyperscalers ramp up debt: Jefferies
नई दिल्ली
जेफ़रीज़ की एक रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर का तेज़ी से विस्तार एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। निवेशक अब बड़ी अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों द्वारा किए जा रहे भारी खर्च से जुड़े बढ़ते क्रेडिट जोखिमों पर ध्यान देने लगे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि हाइपरस्केलर AI निवेश के लिए कर्ज़ पर ज़्यादा निर्भर हो रहे हैं, जबकि भविष्य में मिलने वाले रिटर्न को लेकर सवाल भी तेज़ हो रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न और मेटा के लिए आने वाला अर्निंग सीज़न AI कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत व्यय) पर कड़ी नज़र रखेगा, खासकर तब जब अल्फाबेट ने हाल ही में 2026 के लिए अपने कैपिटल एक्सपेंडिचर गाइडेंस को 15 बिलियन डॉलर और बढ़ाकर 195-205 बिलियन डॉलर कर दिया है। चार प्रमुख हाइपरस्केलर का कुल कैपिटल एक्सपेंडिचर 2026 में लगभग 695 बिलियन डॉलर और 2027 में 870 बिलियन डॉलर होने का अनुमान है, जो AI निवेश चक्र के बड़े पैमाने को दर्शाता है।
रिपोर्ट में कहा गया है, "अगर यह पृष्ठभूमि है, तो ऐसा लगता है कि AI कैपिटल एक्सपेंडिचर पर रिटर्न को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं... और आने वाले अर्निंग सीज़न में ये सवाल और तेज़ हो सकते हैं।" जेफ़रीज़ के अनुसार, AI निवेश चक्र में सबसे बड़े बदलावों में से एक यह है कि हाइपरस्केलर अब अपने खर्च का एक बड़ा हिस्सा कैश के बजाय कर्ज़ के ज़रिए पूरा कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनियों ने इस साल अब तक 194 बिलियन डॉलर का इन्वेस्टमेंट-ग्रेड डेट जारी किया है, जिससे वे अमेरिकी इन्वेस्टमेंट-ग्रेड डेट मार्केट में सबसे बड़ी जारीकर्ता बन गई हैं, जबकि अमेज़न, अल्फाबेट और मेटा जैसी कंपनियों के लिए बॉन्ड यील्ड स्प्रेड बढ़ गए हैं।
रिपोर्ट में AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी बढ़ती कॉन्ट्रैक्टुअल कमिटमेंट्स (अनुबंध संबंधी प्रतिबद्धताओं) पर भी प्रकाश डाला गया है। इसमें बताया गया है कि माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न, अल्फाबेट और ओरेकल में 'रिमेनिंग परफॉर्मेंस ऑब्लिगेशन्स' (RPO) 2026 की पहली तिमाही के अंत में लगभग 2.1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गए, जो एक साल पहले की तुलना में 184 प्रतिशत अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन प्रतिबद्धताओं को मुख्य रूप से AI-संबंधित डेटा सेंटर विस्तार का समर्थन करने वाली मांग के सबूत के तौर पर देखा गया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा गया है कि जैसे-जैसे इंडस्ट्री आगे बढ़ेगी, निवेशक इससे जुड़े क्रेडिट जोखिमों की और अधिक जांच कर सकते हैं।
भविष्य को देखते हुए, जेफ़रीज़ ने कहा कि यह अनिश्चित है कि कौन से हाइपरस्केलर लंबे समय में अपने AI निवेश से सफलतापूर्वक कमाई (मोनेटाइज़) कर पाएंगे। साथ ही, इसमें यह भी कहा गया है कि AI लंबे समय तक ग्रोथ का एक अहम विषय बना रहेगा; भले ही निवेशक भविष्य में AI पर होने वाले खर्च की रफ़्तार और उसके लिए फ़ंडिंग को लेकर ज़्यादा सोच-समझकर फ़ैसले लें, फिर भी कंप्यूटिंग पावर की मांग बढ़ने की उम्मीद है।