पैसे से परे प्रतिभा: WPL 2026 में दिखेगा मुस्लिम क्रिकेटरों का जलवा

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 29-11-2025
Talent surpasses money: WPL 2026 will showcase Muslim cricketers
Talent surpasses money: WPL 2026 will showcase Muslim cricketers

 

मलिक असग़र हाश्मी/ नई दिल्ली

दो दिन पहले संपन्न हुए महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 की मेगा नीलामी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्रिकेट में पैसे की बारिश सिर्फ़ प्रदर्शन पर होती है, लेकिन मैदान पर प्रदर्शन पैसों की क़ीमत से कहीं ज़्यादा महत्त्वपूर्ण होता है। भले ही इस नीलामी में भारत की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा पर यूपी वॉरियर्ज़ ने 3करोड़ 20लाख रुपये ख़र्च कर दिए हों, लेकिन अन्य मुस्लिम महिला क्रिकेटरों के लिए यह नीलामी उतनी भाग्यशाली नहीं रही। कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी अनसोल्ड रहीं, और जिन्हें ख़रीदा गया, उनकी क़ीमतें शायद उनके असली हुनर को नहीं दर्शातीं।

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dईएसपीएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस नीलामी में क़रीब सौ खिलाड़ियों को रखा गया था। इनमें शबनम शकील, शबनम इस्माइल, फ़ातिमा जाफ़र, हुमैरा क़ाज़ी, सिमरन शेख़, नुज़हत परवीन, तरन्नुम पठान, राहिला फ़िरदौस, रुबिया सैय्यद अब्दुल सफ़ीना, नज़मा ख़ान और फ़लक नाज़ जैसे नाम शामिल थे।

इनमें से कई भले ही अनसोल्ड रह गई हों, लेकिन क्रिकेट के मैदान पर उनके पूर्व रिकॉर्ड और WPL में अपनी टीमों के लिए उनका योगदान बताता है कि ये खिलाड़ी इस सीज़न में दर्शकों का दिल जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ने वाली हैं। ये वो "साइलेंट परफॉर्मर" हैं जो अपनी मेहनत और हुनर से लीग के नतीजे बदलने का माद्दा रखती हैं।

शबनम इस्माइल: तूफ़ानी गति की विश्व-रिकॉर्डधारी

इस समूह में सबसे बड़ा और जाना-माना नाम दक्षिण अफ्रीका की शबनम इस्माइल का है। केप टाउन में 1988में जन्मी, 37साल की यह तेज़-मध्यम गति की गेंदबाज़ अपने देश के लिए हर दौर की सबसे सफल विकेट टेकर रही हैं। 2007में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाली इस्माइल ने 2016महिला वर्ल्ड टी20तक ही 149अंतर्राष्ट्रीय विकेट झटक लिए थे। उनकी गति और सटीकता उन्हें किसी भी टीम के लिए एक ख़तरा बनाती है।

इस्माइल का सबसे यादगार प्रदर्शन नवंबर 2011में आया था, जब उन्होंने बांग्लादेश में एक विश्व कप क्वालीफ़ायर में नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ सिर्फ़ 10रन देकर 6विकेट लिए थे, जिससे नीदरलैंड्स की टीम मात्र 36रन पर सिमट गई थी। 

वह विभिन्न टी20लीग्स का एक स्थापित चेहरा रही हैं, जिनमें मुंबई इंडियंस, सिडनी थंडर, और मेलबोर्न रेनेगेड्स जैसी टीमें शामिल हैं। WPL 2026में भी वह यूपी वॉरियर्ज़ की टीम का हिस्सा हैं, जहाँ उनकी तूफ़ानी गेंदबाज़ी से टीम की पेस अटैक को मज़बूती मिलेगी।

dयुवा जोश: शबनम शकील और फ़लक नाज़ का उदय

भारतीय घरेलू सर्किट से आने वाली युवा प्रतिभाओं पर इस बार सबकी निगाहें टिकी रहेंगी। शबनम एमडी शकील, विशाखापट्टनम में 2007में जन्मीं, सिर्फ़ 18साल की उम्र में ही गुजरात जायंट्स (GG-W) का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

दाएँ हाथ की मध्यम गति की यह गेंदबाज़ अंडर-19टीम में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। WPL के पिछले सीज़न में, उन्होंने 4मैचों में 7.00की इकोनॉमी रेट से 4विकेट लिए थे, जिसमें 3रन देकर 11रन उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। उनकी युवावस्था और सीखने की ललक उन्हें भविष्य का एक बड़ा सितारा बनाती है।

dउत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (प्रयागराज) से आने वाली फ़लक मोहम्मद नासिर नाज़ भी एक और रोमांचक नाम हैं। 21वर्षीय फ़लक एक बॉलिंग ऑलराउंडर हैं, जो भारत की अंडर-19टीम का हिस्सा थीं। 2023में अंडर-19वर्ल्ड कप से पहले दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ उन्होंने 14रन देकर 2विकेट और 11रन देकर 2विकेट लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था। WPL में उनकी मौजूदगी युवा भारतीय प्रतिभाओं के लिए एक प्रेरणा है।

मुंबई से आने वाली फ़ातिमा जाफ़र भी एक दिलचस्प खिलाड़ी हैं। वह दाएँ हाथ की मीडियम पेस और धीमी गति की लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स स्पिन दोनों तरह से गेंदबाज़ी करने की क्षमता रखती हैं। उनका यह द्वैध कौशल उन्हें टी20प्रारूप में एक मूल्यवान विकल्प बनाता है। 2021के घरेलू मैचों में उनका प्रदर्शन (16रन और 2/30) यह दर्शाता है कि वह गेंद और बल्ले दोनों से योगदान दे सकती हैं।

dअनुभवी स्तंभ: गौहर, नुज़हत और हुमैरा

WPL में प्रदर्शन के लिए सिर्फ़ युवा जोश ही नहीं, अनुभवी खिलाड़ियों का होना भी ज़रूरी है।गौहर सुल्ताना, हैदराबाद से आती हैं और 37साल की यह पुरानी खिलाड़ी धीमी गति की लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स गेंदबाज़ी में महारत रखती हैं। भारतीय महिला टीम के लिए 50वनडे और 37टी20अंतर्राष्ट्रीय खेल चुकी गौहर ने वनडे में 66 विकेट लिए हैं। 3.32की लाजवाब इकोनॉमी रेट से गेंदबाज़ी करने वाली गौहर, यूपी वॉरियर्ज़ के लिए स्पिन विभाग में एक भरोसेमंद नाम हैं। उनकी अनुभवी गेंदबाज़ी पिच की धीमी गति का पूरा फ़ायदा उठाने की क्षमता रखती है।

मध्य प्रदेश के सिंगरौली की नुज़हत मसीह परवीन (उम्र 29), एक विकेटकीपर-बल्लेबाज़ हैं। नुज़हत, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) और ट्रेलब्लेज़र्स जैसी टीमों का हिस्सा रह चुकी हैं। टी20 अंतर्राष्ट्रीय में उनके 5मैच खेलने का अनुभव उन्हें पता है कि बड़े मंच पर दबाव को कैसे संभालना है। विकेट के पीछे उनकी चपलता और बल्ले से निचले क्रम में उपयोगी रन बनाने की क्षमता उन्हें टीम के लिए एक मज़बूत विकल्प बनाती है।

मुंबई इंडियंस (MI) की टीम में शामिल रहीं हुमैरा यूसुफ़ामीर क़ाज़ी (उम्र 32), एक दाएँ हाथ की बल्लेबाज़ हैं। वह MI टीम के साथ 17 WPL मैच खेल चुकी हैं, और एक उपयोगी फ़ील्डर के रूप में भी जानी जाती हैं। उनका WPL में बल्लेबाज़ी औसत भले ही कम (4.50) हो, लेकिन उनकी भूमिका अक्सर टीम को मज़बूत करने या अंत में छोटे कैमियो खेलने की होती है।

बड़ौदा की तरन्नुम नासिरख़ान पठान (उम्र 32) भी गुजरात जायंट्स (GG-W) का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वह दाएँ हाथ की ऑफ़ब्रेक गेंदबाज़ और निचले क्रम की बल्लेबाज़ हैं। उनका पिछले WPL मैच में 9रन बनाना और 4/39का घरेलू वनडे रिकॉर्ड (2021) यह दिखाता है कि वह एक अच्छा ऑलराउंड पैकेज हैं जो आवश्यकतानुसार योगदान दे सकती हैं।

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सिमरन शेख

दिल जीतने का संकल्प

इस नीलामी में राहिला फ़िरदौस, नज़मा ख़ान और अब्दुल अज़ीज़ सफ़ीना जैसे नाम भले ही अनसोल्ड रहे हों या उन्हें कम लाइमलाइट मिली हो, लेकिन उनका घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन (जैसे राहिला फ़िरदौस का विकेटकीपिंग में योगदान, या अब्दुल सफ़ीना का उत्तराखंड के लिए ऑलराउंड प्रदर्शन) यह बताता है कि भारतीय क्रिकेट की बेंच स्ट्रेंथ में इन खिलाड़ियों का योगदान अमूल्य है।

WPL 2026 में, जब ये सभी खिलाड़ी अपनी-अपनी टीमों के लिए मैदान में उतरेंगी, तो नीलामी की क़ीमतें बेमानी हो जाएंगी। शबनम इस्माइल की रफ़्तार हो, शबनम शकील का युवा जोश, या गौहर सुल्ताना का अनुभव—इन महिला क्रिकेटरों का लक्ष्य साफ़ है: अपने खेल से दर्शकों का दिल जीतना और यह साबित करना कि उनका हुनर पैसों के पैमाने से कहीं ज़्यादा बड़ा है। ये "छिपे हुए रत्न" इस WPL सीज़न के एक्स-फ़ैक्टर साबित हो सकते हैं।