मलिक असगर हाशमी | नई दिल्ली
जो अभिभावक अपने बच्चों को कम खर्च में बेहतरीन, अनुशासित और प्रतिष्ठित शैक्षणिक माहौल में पढ़ाना चाहते हैं, उनके लिए जामिया मिल्लिया इस्लामिया से जुड़ी यह खबर बेहद महत्वपूर्ण है। देश की नामचीन केंद्रीय विश्वविद्यालय जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने अपने स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए दाख़िला प्रक्रिया शुरू कर दी है। जामिया के स्कूल लंबे समय से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सशक्त अकादमिक आधार और नैतिक मूल्यों के लिए जाने जाते हैं। यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को न सिर्फ़ स्कूल स्तर पर मजबूत शिक्षा मिलती है, बल्कि आगे चलकर विश्वविद्यालय स्तर की पढ़ाई के रास्ते भी अपेक्षाकृत आसान हो जाते हैं, जो इसे अन्य संस्थानों से अलग बनाता है।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया का यह प्रयास खास तौर पर उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है, जो आर्थिक सीमाओं के बावजूद अपने बच्चों को उच्च स्तरीय शिक्षा दिलाने का सपना देखते हैं। जामिया के स्कूलों में शिक्षा शुल्क अन्य निजी स्कूलों की तुलना में काफी कम है। यही नहीं, यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए आगे चलकर बेहद कम शुल्क पर हॉस्टल, भोजन और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहती हैं, जिससे मध्यम और कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि के छात्रों को बड़ा सहारा मिलता है।
स्कूल अनुभाग, कुलसचिव कार्यालय, जामिया मिल्लिया इस्लामिया द्वारा जारी प्रवेश अधिसूचना के अनुसार विभिन्न स्कूलों और कक्षाओं में दाख़िले के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। मुशीर फातिमा नर्सरी स्कूल में नर्सरी कक्षा के लिए आवेदन 7 जनवरी 2026 से शुरू होंगे और 27 जनवरी 2026 तक किए जा सकेंगे। इसके अलावा सैयद आबिद हुसैन सीनियर सेकेंडरी स्कूल (सेल्फ फाइनेंस) में प्रेप, छठी और नौवीं कक्षा के लिए आवेदन 5 फरवरी 2026 से उपलब्ध होंगे, जिनकी अंतिम तिथि 5 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। जामिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल और जामिया गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल (सेल्फ फाइनेंस) में नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा, विज्ञान और कला संकाय के लिए आवेदन 20 फरवरी 2026 से शुरू होंगे और 20 मार्च 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे। इन सभी स्कूलों के लिए आवेदन शुल्क 500 रुपये रखा गया है।
इसके अलावा जामिया के बालक माता सेंटर्स में दाख़िले के लिए भी आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इन केंद्रों के लिए आवेदन 5 मार्च 2026 से उपलब्ध होंगे और 20 अप्रैल 2026 तक जमा किए जा सकेंगे। बालक माता सेंटर्स के लिए आवेदन शुल्क मात्र 50 रुपये रखा गया है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक बड़ी राहत है। इन केंद्रों के लिए आवेदन फॉर्म मटिया महल, क़साबपुरा और बेरीवाला बाग़ स्थित संबंधित केंद्रों से प्राप्त किए जा सकेंगे और वहीं जमा किए जाएंगे।
जामिया के स्कूलों में दाख़िले की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है। नर्सरी से लेकर ग्यारहवीं कक्षा तक के अधिकतर स्कूलों के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है, जिससे अभिभावकों को किसी तरह की परेशानी न हो। इच्छुक अभिभावक जामिया मिल्लिया इस्लामिया की आधिकारिक दाख़िला वेबसाइट https://admission.jmi.ac.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। दाख़िले से जुड़ा विस्तृत प्रॉस्पेक्टस विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.jmi.ac.in पर उपलब्ध है, जिसमें आयु सीमा, पात्रता, चयन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज़ों की पूरी जानकारी दी गई है।
जामिया के स्कूलों की पहचान सिर्फ़ अच्छे परीक्षा परिणामों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। अनुभवी शिक्षक, अनुशासित माहौल, सह-शैक्षणिक गतिविधियां, सुरक्षित परिसर और खास तौर पर छात्राओं के लिए अनुकूल वातावरण जामिया के स्कूलों की बड़ी विशेषताएं हैं। यही कारण है कि हर साल बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों के दाख़िले के लिए जामिया पर भरोसा जताते हैं, हालांकि सीमित सीटों के कारण प्रतिस्पर्धा भी कड़ी रहती है।
अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन की तिथियों को गंभीरता से लें और अंतिम समय का इंतज़ार न करें। आवेदन फॉर्म भरते समय सभी जानकारियां सावधानीपूर्वक और सही-सही दर्ज करें तथा आवश्यक दस्तावेज़ पहले से तैयार रखें। किसी भी प्रकार की अफवाह या अनधिकृत स्रोतों पर भरोसा करने के बजाय केवल जामिया की आधिकारिक वेबसाइट और स्कूल अनुभाग से प्राप्त जानकारी को ही मान्य समझें।

कुल मिलाकर, जामिया मिल्लिया इस्लामिया के स्कूलों में दाख़िला कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाने का एक बेहतरीन अवसर है। यह न सिर्फ़ बच्चों के शैक्षणिक भविष्य को मजबूत करता है, बल्कि उन्हें एक ऐसा मंच भी प्रदान करता है, जहां से वे आत्मविश्वास और ज्ञान के साथ आगे की दुनिया में कदम रख सकें।