एएमयू में व्याख्यान: राष्ट्र निर्माण में गांधीवादी विचारों की प्रासंगिकता पर जोर

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 13-10-2026
Lecture at AMU: Emphasis on the relevance of Gandhian ideas in nation-building.
Lecture at AMU: Emphasis on the relevance of Gandhian ideas in nation-building.

 

अलीगढ़:

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के आधुनिक भारतीय भाषा विभाग की ओर से आयोजित विशेष व्याख्यान में प्रसिद्ध लेखक और राजनीतिक विचारक असलम नेल्लेट्टिल ने कहा कि गांधीवादी विचार आधुनिक भारत के परिवर्तन, नैतिक विकास और राष्ट्र निर्माण का मार्गदर्शन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

“गांधी का जीवन और राष्ट्र निर्माण” विषय पर आयोजित इस व्याख्यान में मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखते हुए असलम नेल्लेट्टिल ने कहा कि गांधीवादी सिद्धांत पारंपरिक राजनीतिक विचारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनमें गहरी दार्शनिक दृष्टि भी समाहित है।

उन्होंने कहा कि भारत की एकता और अखंडता की नींव मानवतावाद, आपसी सम्मान और सद्भाव जैसे उन मूल्यों में निहित है, जिनकी वकालत महात्मा गांधी ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से की थी।

नेल्लेट्टिल ने इस बात पर भी जोर दिया कि गांधीवादी चिंतन की स्थायी प्रासंगिकता इस तथ्य में है कि वह राष्ट्रीय प्रगति को नैतिकता और आध्यात्मिक चेतना के साथ जोड़ता है। उनके अनुसार, राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में विकास के साथ नैतिक मूल्यों को महत्व देना भी आवश्यक है।

शिक्षकों और शोधार्थियों ने भी रखे विचार

कार्यक्रम की अध्यक्षता आधुनिक भारतीय भाषा विभाग के अध्यक्ष प्रो. ए. नजुम ने की, जबकि डॉ. रफसल बाबू सी.वी. ने उपस्थित अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया।इस अवसर पर अर्थशास्त्र विभाग के डॉ. अब्दुल अज़ीज़ एन.पी. और अंग्रेजी विभाग के डॉ. मुनीर ने भी विषय से जुड़े अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी और छात्र शामिल हुए। अंत में फातिल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।व्याख्यान में गांधीवादी विचारों की वर्तमान समय में उपयोगिता और भारत के सामाजिक, नैतिक एवं राष्ट्रीय विकास में उनकी भूमिका को रेखांकित किया गया।