नई दिल्ली:
जामिया मिल्लिया इस्लामिया की डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी के चाइल्ड गाइडेंस सेंटर (सीजीसी) ने 8 अक्टूबर 2026 को विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए एथलेटिक्स स्पोर्ट्स मीट का आयोजन किया। इसमें छह विशेष स्कूलों के 100 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। बच्चों ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा, उत्साह और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में दिल्ली सोसाइटी फॉर द वेलफेयर ऑफ स्पेशल चिल्ड्रेन (ओखला सेंटर), तमन्ना स्कूल, होली हार्ट स्पेशल स्कूल, समर्थ प्ले वे, चाइल्ड गाइडेंस सेंटर और वाईएमसीए के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का आयोजन डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी के महासचिव प्रो. मोहम्मद गाजी शाहनवाज और सचिव डॉ. मोहम्मद फैजुल्लाह खान के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें जामिया के कुलपति प्रो. मजहर आसिफ और कुलसचिव प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी का भी सहयोग और मार्गदर्शन रहा।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के अध्यक्ष प्रो. अखिलेश मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर एनआईओएस के सचिव एवं एसएसएस के निदेशक भी मौजूद रहे।
अन्य प्रमुख अतिथियों में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के वित्त अधिकारी डॉ. मोहम्मद कमालुन नबी और इंडियन बैंक की जामिया शाखा के मुख्य प्रबंधक फारूक अहमद शामिल थे।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद डॉ. मोहम्मद फैजुल्लाह खान ने अतिथियों का स्वागत किया और उनका परिचय कराया। उन्होंने मुख्य अतिथि प्रो. अखिलेश मिश्रा को स्मृति चिह्न और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। इसी तरह प्रो. मोहम्मद गाजी शाहनवाज ने एनआईओएस के सचिव का स्वागत किया। इसके बाद मुख्य अतिथि ने खेलकूद प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन किया।
खेलकूद प्रतियोगिता में 25 मीटर, 50 मीटर और 100 मीटर की दौड़ आयोजित की गई। इसके अलावा टेनिस बॉल, सॉफ्ट बॉल और मिनी जैवलिन फेंकने की प्रतियोगिताएं भी हुईं।
बच्चों ने सभी प्रतियोगिताओं में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। उन्होंने अपनी खेल क्षमता, आत्मविश्वास और खेल भावना का परिचय दिया। कार्यक्रम में आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी माहौल को उत्साहपूर्ण बनाया।
प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पदक और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। भाग लेने वाले सभी स्कूलों के प्रतिनिधियों को उनके योगदान के लिए स्मृति चिह्न दिए गए। आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले स्वयंसेवकों को भी प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
मुख्य अतिथि प्रो. अखिलेश मिश्रा ने चाइल्ड गाइडेंस सेंटर के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विशेष जरूरतों वाले बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने के लिए समावेशी अवसर उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।
उन्होंने इन बच्चों के लिए व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने और कौशल विकास को बढ़ावा देने वाली अन्य पहलों में सहयोग का आश्वासन दिया। उनके अनुसार, ऐसी पहल बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने, उनका आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
उन्होंने विशेष जरूरतों वाले बच्चों की शिक्षा, कल्याण और सर्वांगीण विकास के लिए जामिया मिल्लिया इस्लामिया के प्रयासों को मजबूत करने में भी सहयोग देने की बात कही।
खेल प्रतियोगिता के आयोजन में अंतरराष्ट्रीय खेल प्रशिक्षक सुरेंद्र कुमार और उनकी टीम ने सहयोग दिया। उन्होंने एएसएलसी (अचीवर्स स्पोर्ट्स एंड लर्निंग सेंटर) के माध्यम से विभिन्न खेल गतिविधियों के संचालन में मदद की।
इस अवसर पर विश्व रैंकिंग में नौवें स्थान पर रहे पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी मुन्ना खालिद ने भी अपना सहयोग दिया। उन्होंने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और खेलों में समावेशिता तथा खेल भावना के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम ने विशेष जरूरतों वाले बच्चों के शारीरिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, सामाजिक संपर्क और समाज में समावेश को बढ़ावा देने में खेलों की अहम भूमिका को रेखांकित किया। इस आयोजन से विभिन्न विशेष स्कूलों को आपसी सहयोग मजबूत करने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए साझा प्रयास करने का अवसर भी मिला।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी के महासचिव प्रो. मोहम्मद गाजी शाहनवाज ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, अन्य विशिष्ट अतिथियों, विश्वविद्यालय प्रशासन, भाग लेने वाले स्कूलों, शिक्षकों, अभिभावकों, स्वयंसेवकों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का आयोजन जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कुलपति प्रो. मजहर आसिफ और कुलसचिव प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी के मार्गदर्शन में किया गया। विश्वविद्यालय नेतृत्व के सहयोग से विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा, सशक्तीकरण और सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को और मजबूती मिली।