नई दिल्ली।
लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने बताया है कि केंद्र शासित प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार किए जा रहे हैं और एक नया मेडिकल कॉलेज जल्द स्थापित किया जाएगा, जिसमें 85% सीटों का आरक्षण अनुसूचित जनजातियों (STs) के लिए रखा गया है। इससे लद्दाख के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अधिक अवसर मिलेंगे और स्थानीय छात्रों के लिए रास्ते आसान होंगे।
गुप्ता ने कहा कि लद्दाख सरकार ने अस्पतालों के आधुनिकीकरण, उन्नत चिकित्सा उपकरणों की स्थापना और उच्च ऊँचाई वाले व दूरदराज के इलाकों में सेवा प्रदान करने पर खास जोर दिया है। इसके तहत कारगिल जिला अस्पताल में लगभग ₹26 करोड़ के तीन टेस्ला MRI मशीनें स्थापित की गईं हैं, जिससे वहां की स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा। लद्दाख में कुल 32 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 288 आयुष्मान अrogya मंदिर हैं, और ऊँची ऊँचाई को देखते हुए कई स्वास्थ्य संस्थानों में ऑक्सीजन चैंबर्स भी लगाए जा रहे हैं ताकि गंभीर मरीजों को बेहतर देखभाल मिल सके।
उपराज्यपाल ने बताया कि एक नया मेडिकल कॉलेज 786 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किया जा रहा है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहित कर ली गई है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा। इस कॉलेज की 85% सीटें अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों के लिए आरक्षित होंगी, और सभी सीटें लद्दाख के छात्रों के लिए होंगी, जिससे स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
लद्दाख प्रशासन का यह कदम स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा दोनों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यह मेडिकल कॉलेज न केवल स्वास्थ्य सेवा प्रदान करेगा बल्कि चिकित्सा शिक्षा में स्थानीय प्रतिभाओं को भी ऊँचा मंच देगा।
इसके अलावा, उपराज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बैठक भी की, जिसमें लद्दाख के लिये सार्वजनिक कल्याण, बुनियादी ढांचा, संपर्क व्यवस्था, पर्यटन और समावेशी विकास पर व्यापक चर्चा हुई। इस बैठक से यह संकेत मिलता है कि लद्दाख को आगामी वर्षों में और विकास और निवेश की दिशा में मजबूत समर्थन मिलेगा। इस पहल से न केवल चिकित्सा शिक्षा में स्थानीय छात्रों को फायदा होगा, बल्कि लद्दाख के स्वास्थ्य ढांचे में स्थायी और मजबूत बदलाव की उम्मीद भी बढ़ेगी।