वॉशिंगटन
अमेरिका में फरवरी माह में नियोक्ताओं ने अप्रत्याशित रूप से 92,000 नौकरियों में कटौती की, जिससे यह संकेत मिला कि अमेरिकी श्रम बाजार अभी भी दबाव में है। इसके परिणामस्वरूप बेरोजगारी दर 4.4 प्रतिशत तक बढ़ गई, जो पिछले महीने की तुलना में बढ़ोतरी को दर्शाती है।
श्रम विभाग ने शुक्रवार को जारी आंकड़ों में बताया कि जनवरी में अमेरिका में रोजगार सृजन अपेक्षाकृत मजबूत था, जब कंपनियों, गैर-लाभकारी संस्थाओं और सरकारी एजेंसियों ने कुल 1,26,000 नौकरियां जोड़ी थीं। इसके विपरीत, फरवरी में बाजार में कमजोरी स्पष्ट हुई और अर्थशास्त्रियों की उम्मीदें पूरी नहीं हुईं। विशेषज्ञों ने फरवरी में 60,000 नई नौकरियों के सृजन की भविष्यवाणी की थी, लेकिन वास्तविक आंकड़े उससे काफी कम रहे।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह रुझान संकेत देता है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था अभी भी अनिश्चितता और दबाव से जूझ रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अनियमित टैरिफ नीतियों और लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों का असर श्रम बाजार पर देखा जा रहा है। 2025 में अमेरिका की अर्थव्यवस्था धीमी गति से बढ़ी थी, जिसके कारण औसतन हर महीने केवल लगभग 15,000 नई नौकरियां ही पैदा हुई थीं।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि फरवरी में नौकरियों की कटौती में मुख्य रूप से तकनीकी और वित्तीय क्षेत्र के बड़े नियोक्ताओं का योगदान रहा। रिटेल और सेवा क्षेत्र में भी कुछ कंपनियों ने लागत नियंत्रण के चलते कर्मचारियों की संख्या में कमी की। इस प्रकार का रोजगार का असंतुलन यह दर्शाता है कि अमेरिका का श्रम बाजार पूरी तरह से स्थिर नहीं है और अर्थव्यवस्था अभी भी मंदी के जोखिम से ग्रस्त है।
अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि अगर वर्तमान परिस्थितियां बनी रहती हैं, तो आने वाले महीनों में रोजगार सृजन में और अधिक कमी आ सकती है। हालांकि, फेडरल रिजर्व और अमेरिकी सरकार की नीतियों पर नजरें बनी हुई हैं, क्योंकि वे ब्याज दरों और आर्थिक प्रोत्साहन के जरिए रोजगार बाजार को स्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं।
श्रम बाजार की यह कमजोरी केवल नौकरी के अवसरों की कमी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर आम नागरिकों की आमदनी और उपभोग क्षमता पर भी पड़ रहा है। बेरोजगारी दर में वृद्धि से घरेलू खर्च घट सकता है, जिससे उपभोक्ता मांग कमजोर हो सकती है।
इस स्थिति को देखते हुए, विश्लेषक अमेरिका में आर्थिक सुधार के लिए और मजबूत नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता बताते हैं। रोजगार सृजन की धीमी गति और कटौती के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था फिलहाल अस्थिर दौर से गुजर रही है और इसका प्रभाव निवेशकों और आम लोगों दोनों पर महसूस किया जा रहा है।





