आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की आव्रजन प्रवर्तन संबंधी सख्ती के समर्थक और विरोधी प्रदर्शनकारियों के बीच शनिवार को मिनियापोलिस में झड़पें हुईं।
इस बीच, गवर्नर कार्यालय ने घोषणा की कि ‘नेशनल गार्ड’ के जवानों को तैनाती के लिए बुलाया गया है और वे राज्य कानून-प्रवर्तन एजेंसियों की मदद के लिए तैयार हैं लेकिन उन्हें शहर की सड़कों पर अभी तैनात नहीं किया गया है।
अमेरिकी गृह मंत्रालय द्वारा मिनियापोलिस और सेंट पॉल में 2,000 से अधिक संघीय अधिकारियों को लाकर आव्रजन प्रवर्तन सख्त करने के बाद से रोजाना प्रदर्शन हो रहे हैं।
मिनियापोलिस में प्रदर्शनकारियों के एक बड़े समूह और सोमाली विरोधी तथा आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) समर्थकों की रैली में शामिल लोगों के समूह के बीच शनिवार को झड़पें हुईं।
प्रदर्शनकारी आव्रजन अधिकारियों द्वारा लोगों को घरों एवं कारों से बाहर खींचने और उनके अन्य आक्रामक तौर-तरीकों का विरोध कर रहे हैं। आव्रजन अधिकारियों के इस अभियान में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई है।
मिनेसोटा की एक न्यायाधीश ने शुक्रवार को फैसला सुनाया था कि मिनियापोलिस क्षेत्र में हाल में हुए अमेरिका के सबसे बड़े आव्रजन प्रवर्तन अभियान में शामिल संघीय अधिकारी शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे लोगों को हिरासत में नहीं ले सकते और न ही उन पर आंसू गैस छोड़ सकते हैं।
आदेश के अनुसार, अधिकारी वाहनों में बैठकर कार्रवाई को देखने वाले चालकों और यात्रियों को तब तक हिरासत में नहीं ले सकते, जब तक इस बात का कोई उचित संदेह न हो कि वे अधिकारियों के काम में बाधा डाल रहे हैं या हस्तक्षेप कर रहे हैं।