सर्बिया में हजारों छात्रों ने रैली निकाली, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 18-01-2026
Thousands of students rally in Serbia, vowing to continue the fight against corruption
Thousands of students rally in Serbia, vowing to continue the fight against corruption

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
सर्बिया में छात्रों ने देश के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर वुसिक के कार्यकाल के खिलाफ अपने संघर्ष के एक नए चरण की घोषणा की और शनिवार को हजारों लोगों ने रैली निकाली।
 
छात्रों ने पिछले एक साल में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए हैं, जिनसे देश में वुसिक की निरंकुश सरकार हिल गई है।
 
नोवी साद में प्रदर्शनकारियों ने ‘‘चोर’’ के नारे लगाते हुए सरकार पर व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया। उनका मानना है कि भ्रष्टाचार के कारण ही उत्तरी शहर में नवंबर 2024 में रेलवे स्टेशन हादसा हुआ जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई और बदलाव के लिए देशव्यापी आंदोलन शुरू हुआ।
 
छात्र तत्काल चुनाव कराए जाने की मांग कर रहे हैं जिसे मानने से वुसिक ने इनकार कर दिया है। सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया है या सरकार का विरोध करने पर उनकी नौकरी चली गई या उन पर दबाव बनाया गया।
 
छात्रों ने शनिवार को नोवी साद में जुटी भीड़ से कहा कि पिछले साल के प्रदर्शनों के बाद अब वे सर्बिया को भ्रष्टाचार से मुक्त करने और कानून के शासन की बहाली के लिए एक योजना पेश करेंगे। उन्होंने वुसिक के बाद बनने वाली सरकार के लिए शुरुआती कदम के तौर पर भ्रष्ट अधिकारियों पर राजनीति करने पर प्रतिबंध लगाने और उनकी संपत्ति की जांच कराने का प्रस्ताव रखा।
 
इस प्रदर्शन को ‘व्हाट विक्ट्री विल मीन’ (जीत का क्या अर्थ होगा) नाम दिया गया। छात्रों ने पिछले महीने कहा था कि उनके चुनावी अभियान के समर्थन में करीब चार लाख लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं।
 
आयोजकों ने कहा कि अगली प्रदर्शन रैली 27 जनवरी को सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में आयोजित करने की योजना है।
 
वुसिक एक दशक से अधिक समय पहले सत्ता में आए थे और उन्होंने सर्बिया को यूरोपीय संघ में शामिल कराने का वादा किया था लेकिन इसके बाद उन्होंने रूस और चीन के साथ संबंध मजबूत किए हैं। उन पर सर्बिया में लोकतांत्रिक स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने और भ्रष्टाचार एवं संगठित अपराध को फलने-फूलने देने के आरोप लगते रहे हैं।
 
छात्र आंदोलन को उन लोगों का बड़ा समर्थन मिला है जो मुख्यधारा के नेताओं से काफी हद तक निराश हैं। वुसिक ने छात्रों पर आरोप लगाया है कि वे सर्बिया को ‘‘नष्ट’’ करने के लिए पश्चिमी देशों के कथित आदेशों के तहत काम कर रहे हैं।