गैलेक्सीआई ‘मिशन दृष्टि’ के लिए तैयार, 2030 तक 10 उपग्रह प्रक्षेपित करने का लक्ष्य

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 18-01-2026
GalaxyEye ready for 'Mission Vision', aims to launch 10 satellites by 2030
GalaxyEye ready for 'Mission Vision', aims to launch 10 satellites by 2030

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
अंतरिक्ष क्षेत्र का स्टार्टअप गैलेक्सीआई अपनी तरह के पहले उपग्रह को प्रक्षेपित करने की तैयारी में है जो ‘ऑप्टिकल’ और ‘रडार सेंसर’ से प्राप्त आंकड़ों को एकीकृत कर पृथ्वी की तस्वीरें तैयार करेगा।
 
इन तस्वीरों का उपयोग रक्षा से लेकर कृषि तक कई क्षेत्रों में किया जा सकेगा।
 
स्टार्टअप की इस वर्ष की पहली तिमाही में ‘मिशन दृष्टि’ नामक बहु-संवेदी पृथ्वी अवलोकन उपग्रह को प्रक्षेपित करने और 2030 तक इसे 10 उपग्रहों के एक समूह में विस्तारित करने की योजना है।
 
गैलेक्सीआई के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुयश सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मिशन दृष्टि वैश्विक स्तर पर पहला ऐसा उपग्रह है, जिसमें एक ही प्लेटफॉर्म पर रडार सेंसिंग और ऑप्टिकल इमेजिंग को एकीकृत किया गया है। इसके साथ ही यह भारत का निजी तौर पर विकसित सबसे बड़ा उपग्रह भी है।’’
 
सिंह ने बताया कि गैलेक्सीआई अगले कुछ वर्षों में दो और उपग्रह तैनात करने की योजना बना रहा है और दशक के अंत तक छह-सात अतिरिक्त उपग्रह जोड़कर कुल संख्या 2030 तक 10 करने का लक्ष्य है। इससे बड़े पैमाने पर लगभग तुरंत डेटा उपलब्ध कराया जा सकेगा।
 
जहां मल्टी-स्पेक्ट्रल ऑप्टिकल कैमरा पृथ्वी की तस्वीरें लेता है, वहीं कृत्रिम अपर्चर रडार बादलों के बीच भी अवलोकन संभव बनाता है, जिससे हर मौसम में पृथ्वी की निगरानी हो सकती है।
 
गैलेक्सीआई ने अपनी ‘सिंकफ्यूस्ड ऑप्टोएसएआर’ प्रौद्योगिकी को पेटेंट कराया हुआ है जो दोनों सेंसर के डेटा को एकीकृत कर हर मौसम में पृथ्वी की उपयोगी तस्वीरें तैयारी करती है जिनका कई क्षेत्रों में उपयोग किया जाता है।
 
सिंह ने कहा, ‘‘आज स्पष्ट रूप से निरंतर, भरोसेमंद और बहु-खुफिया सूचना की मांग है, जो पर्यावरणीय बाधाओं के बावजूद लगातार काम करती रहे।’’