भारत-ब्रिटेन ट्रेड मिशन में £1 अरब से अधिक के समझौते

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 12-10-2026
UK-India trade mission announces over £1 billion in new deals, boosting jobs and investment
UK-India trade mission announces over £1 billion in new deals, boosting jobs and investment

 

नई दिल्ली 

भारत आए UK के एक बड़े ट्रेड मिशन ने 1 बिलियन पाउंड से ज़्यादा के नए कमर्शियल समझौतों का ऐलान किया है। इनमें UK में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रिसर्च में 50 मिलियन पाउंड का निवेश और मेन्ज़ीज़ एविएशन (Menzies Aviation) द्वारा एविएशन सेवाओं का विस्तार शामिल है। दोनों देश अपने ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के लागू होने के बाद व्यापार और निवेश के रिश्तों को मज़बूत करना चाहते हैं। ब्रिटिश हाई कमीशन की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, यह घोषणा तब हुई है जब UK का एक ट्रेड डेलीगेशन भारत पहुंचा है। इस डेलीगेशन में 100 से ज़्यादा बिज़नेस, UK के बिज़नेस सेक्रेटरी, स्कॉटलैंड और पर्यावरण, खाद्य एवं ग्रामीण मामलों के सेक्रेटरी, उत्तरी इंग्लैंड के सात मेयर और एक कंबाइंड अथॉरिटी लीडर शामिल हैं। इनका मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के रिश्तों को मज़बूत करना है।
 
ये नई घोषणाएं UK-भारत फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से बनी गति को और आगे बढ़ाती हैं। जुलाई 2025 में समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद से लगभग 12 बिलियन पाउंड के समझौतों का ऐलान किया जा चुका है। प्रमुख घटनाक्रमों में, मेटा फॉर डेटा टेक्नोलॉजीज़ (MFD) ने UK में AI रिसर्च को फंड करने के लिए 50 मिलियन पाउंड के निवेश का ऐलान किया है। वहीं, UK की एविएशन सर्विस कंपनी मेन्ज़ीज़ एविएशन भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाकर 600 मिलियन पाउंड से ज़्यादा का रेवेन्यू हासिल करना चाहती है। इस ट्रेड मिशन का मकसद एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी, एविएशन, शिक्षा, कृषि और खाद्य एवं पेय जैसे सेक्टरों में कमर्शियल पार्टनरशिप को मज़बूत करना है, साथ ही दोनों देशों के बिज़नेस के लिए नए मौके पैदा करना है।
 
UK के बिज़नेस सेक्रेटरी जोनाथन रेनॉल्ड्स ने कहा कि ट्रेड एग्रीमेंट ने क्षेत्रीय बिज़नेस के लिए मौके पैदा किए हैं। इसमें उत्तरी इंग्लैंड के मेयर नौकरियां, निवेश और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने वाली पार्टनरशिप बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। रेनॉल्ड्स ने कहा, "एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग से लेकर शिक्षा तक, हम दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक के साथ रिश्ते और गहरे करना चाहते हैं, ताकि दोनों देशों के हर कोने में बिज़नेस और कंज्यूमर्स के लिए मौके पैदा हो सकें।"
 
इस डेलीगेशन में स्कॉटिश और ब्रिटिश खाद्य एवं पेय उद्योगों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। इनमें एग्रीकल्चर एंड हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट बोर्ड (AHDB), ब्रिटिश मीट प्रोसेसर्स एसोसिएशन, फीवर-ट्री (Fever-Tree), केंडमिल (Kendamil), नेशनल फार्मर्स यूनियन, सैल्मन स्कॉटलैंड, स्कॉच व्हिस्की एसोसिएशन और वॉकर शॉर्टब्रेड (Walker’s Shortbread) शामिल हैं। स्कॉटलैंड के सेक्रेटरी डगलस अलेक्जेंडर ने कहा कि इस ट्रेड एग्रीमेंट से स्कॉटिश एक्सपोर्टर्स, खासकर सैल्मन और व्हिस्की बनाने वालों के लिए मौके बनेंगे। साथ ही, इससे स्कॉटलैंड में इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा मिलेगा और रोज़गार में मदद मिलेगी।
 
उन्होंने कहा, "भारत जैसे मार्केट में स्कॉटलैंड की कामयाबी के पीछे UK का हिस्सा होने से मिली मज़बूती, पहुँच और प्रभाव का हाथ है। एक्सपोर्ट के मौकों को बढ़ाने और स्कॉटलैंड में इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने का मतलब है कि घर पर ही इकोनॉमिक ग्रोथ और नौकरियों के रूप में असली फ़ायदा मिलेगा।" एनवायरनमेंट, फ़ूड और रूरल अफ़ेयर्स सेक्रेटरी एंजेला ईगल ने कहा कि सरकार ब्रिटिश किसानों और फ़ूड-ड्रिंक कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि एग्रीमेंट के वादों को असल एक्सपोर्ट के मौकों में बदला जा सके। उन्होंने कहा, "हम फ़ूड और ड्रिंक एक्सपोर्टर्स के साथ भारत में हैं। हम उन्हें ब्रिटिश प्रोडक्ट्स की सबसे अच्छी चीज़ें दिखाने, नए ट्रेड संबंध बनाने और पूरे UK में समुदायों के लिए एक्सपोर्ट के मौके खोलने में मदद कर रहे हैं।"
 
इस दौरे के दौरान, रेनॉल्ड्स राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मिलकर UK-इंडिया जॉइंट इकोनॉमिक एंड ट्रेड कमिटी (JETCO) की सह-अध्यक्षता करेंगे। वह विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह के साथ UK-इंडिया साइंस एंड इनोवेशन काउंसिल की सह-अध्यक्षता भी करेंगे। मुंबई में, बिज़नेस सेक्रेटरी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलकर क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग को और मज़बूत करने पर चर्चा करेंगे और ब्रिटिश प्रोडक्ट्स और सर्विसेज़ को दिखाने वाले एक ट्रेड मार्केटप्लेस में शामिल होंगे।
 
यह दौरा UK-इंडिया ट्रेड एग्रीमेंट के लागू होने के तीन महीने बाद हो रहा है। रिलीज़ के अनुसार, उम्मीद है कि यह एग्रीमेंट लंबे समय में सालाना 25.5 बिलियन GBP तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाएगा। यह मिशन दोनों देशों की उन कोशिशों को दिखाता है जिनका मकसद ट्रेड एग्रीमेंट को नए बिज़नेस के मौकों, एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी और पूरे UK और भारत में रोज़गार में बदलना है।