शी जिनपिंग के निमंत्रण पर चीन जाएंगे ट्रंप, ईरान और व्यापार होंगे प्रमुख मुद्दे

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 11-05-2026
Trump to visit China at Xi Jinping's invitation; Iran and trade to be key issues.
Trump to visit China at Xi Jinping's invitation; Iran and trade to be key issues.

 

बीजिंग

Donald Trump 13 से 15 मई के बीच चीन की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। चीन के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यह यात्रा चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping के निमंत्रण पर हो रही है। इस बहुप्रतीक्षित दौरे को वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा, “राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप 13 से 15 मई तक चीन की राजकीय यात्रा करेंगे।”

यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका और China के बीच व्यापार, ताइवान, रूस और Iran जैसे कई संवेदनशील मुद्दों पर लगातार बातचीत चल रही है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच हाल के महीनों में कई बार ईरान और रूस को लेकर चर्चा हुई है।

वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका को चिंता है कि चीन द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे आर्थिक संसाधन ईरान और रूस की मदद कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, चीन न केवल इन देशों को औद्योगिक सामान, पुर्जे और तकनीकी सहयोग उपलब्ध करा रहा है, बल्कि संभावित हथियार निर्यात को लेकर भी चिंताएं बनी हुई हैं।

अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ट्रंप और शी जिनपिंग की बैठक में व्यापार और निवेश से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा होगी। दोनों देश अमेरिका-चीन व्यापार बोर्ड और निवेश सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर विचार करेंगे। इसके अलावा एयरोस्पेस, कृषि और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में नए औद्योगिक समझौतों पर भी बातचीत हो सकती है।

अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया कि इस यात्रा के बाद ट्रंप इस वर्ष के अंत में शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन को वॉशिंगटन डीसी आने का निमंत्रण भी दे सकते हैं। इसे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

ताइवान का मुद्दा भी इस बैठक में प्रमुख रूप से उठ सकता है। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अमेरिका की नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच ताइवान को लेकर लगातार संवाद जारी है, लेकिन वॉशिंगटन की आधिकारिक नीति पहले जैसी ही बनी हुई है।

यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका ने हाल ही में ईरान के वित्तीय और ऊर्जा नेटवर्क पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। इन प्रतिबंधों का उद्देश्य तेहरान की तेल आय और चीन के साथ उसके कारोबारी संबंधों पर दबाव बढ़ाना बताया जा रहा है।

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने सोशल मीडिया पर ईरान को “वैश्विक आतंकवाद का सिरा” बताते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन “इकोनॉमिक फ्यूरी” नामक अभियान के तहत ईरान की आर्थिक ताकत को कमजोर करने की दिशा में आक्रामक कार्रवाई कर रहा है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान की सैन्य और वित्तीय गतिविधियों को समर्थन देने वाले सभी नेटवर्क को निशाना बनाएगा और प्रतिबंधों से बचने की कोशिश करने वालों पर भी कार्रवाई करेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की चीन यात्रा केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका असर वैश्विक व्यापार, पश्चिम एशिया की राजनीति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा समीकरणों पर भी पड़ सकता है। दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं की यह मुलाकात आने वाले महीनों की वैश्विक राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।