ट्रंप की वेनेजुएला के तेल उद्योग को नियंत्रित, पुनर्जीवित करने की योजना के समक्ष बड़ी चुनौतियां

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 04-01-2026
Trump's plan to regulate and revive Venezuela's oil industry faces major challenges
Trump's plan to regulate and revive Venezuela's oil industry faces major challenges

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना द्वारा पकड़ लिये जाने के बाद वेनेजुएला के तेल उद्योग पर नियंत्रण करने और अमेरिकी कंपनियों द्वारा इसे पुनर्जीवित करने की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना का तेल की कीमतों पर तत्काल कोई महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है।
 
वेनेजुएला का तेल उद्योग सालों की उपेक्षा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण जर्जर स्थिति में है। इसलिए उत्पादन में तेज बढ़ोतरी होने में कई साल लगेंगे और बड़े निवेश की जरूरत होगी।
 
हालांकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि वेनेजुएला 11 लाख बैरल प्रतिदिन के अपने वर्तमान उत्पादन को दोगुना या तिगुना करके जल्दी ही ऐतिहासिक स्तर तक लौट सकता है।
 
गैसबडी के प्रमुख पेट्रोलियम विश्लेषक पैट्रिक डी हान ने कहा, ‘‘बहुत से लोग कह रहे हैं कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई से वेनेजुएला के तेल उद्योग को कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन यह कई सालों से खराब स्थिति में था और इसे फिर से ठीक होने में समय लगेगा।’’
 
अमेरिकी तेल कंपनियां तब ही भारी निवेश करेंगी जब देश में स्थिर सरकार होगी।
 
ट्रंप ने कहा कि सब कुछ अमेरिका के नियंत्रण में है, जबकि वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिग्ज ने उच्च न्यायालय के आदेश से अस्थायी राष्ट्रपति बनने से पहले यह कहा कि मादुरो को सत्ता में लौटना चाहिए।
 
प्राइस फ्यूचर्स ग्रुप के वरिष्ठ बाजार विश्लेषक फिल फ्लिन ने कहा, "अगर अगले 24 घंटे में यह लगे कि अमेरिका, देश (वेनेजुएला) को सफलतापूर्वक चला रहा है, तो अमेरिकी ऊर्जा कंपनियों के जल्दी ही वहां के तेल उद्योग को फिर से सक्रिय करने की संभावना होगी।"
 
उन्होंने कहा कि अगर वेनेजुएला अपना तेल उत्पादन बढ़ा लेता है, तो इससे लंबे समय तक तेल सस्ता रह सकता है और रूस पर भी दबाव बढ़ सकता है।
 
सप्ताहांत में तेल का व्यापार नहीं होता, इसलिए कीमतों पर तुरंत कोई असर नहीं पड़ा। जब बाजार एक बार फिर खुलेगा, तब भी बड़ी कीमतों में बदलाव की उम्मीद नहीं है।
 
वेनेजुएला तेल उत्पादक देशों के संगठन ‘ओपेक’ का सदस्य है, इसलिए उसका उत्पादन पहले से ही ओपेक में शामिल है। इसके अलावा वर्तमान में वैश्विक बाजार में तेल की मात्रा अधिक है।
 
'यूएस एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन' के अनुसार, वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े प्रमाणित कच्चे तेल भंडार हैं, जो लगभग 303 अरब बैरल का है। यह वैश्विक तेल भंडार का लगभग 17 प्रतिशत है।
 
इसलिए अंतरराष्ट्रीय तेल कंपनियों के लिए वेनेजुएला में निवेश में रुचि होना स्वाभाविक है।