वॉशिंगटन डीसी
अमेरिका की साइबर सुरक्षा एजेंसी CISA (Cybersecurity and Infrastructure Security Agency) के कार्यवाहक प्रमुख डॉ. मधु गोत्तुमुक्काला पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने पिछले साल गर्मियों में संवेदनशील सरकारी कॉन्ट्रैक्टिंग फाइलें सार्वजनिक संस्करण वाले ChatGPT पर अपलोड कर दी थीं, जिससे अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) की स्वचालित सुरक्षा प्रणाली में अलर्ट सक्रिय हो गए।
Politico की रिपोर्ट में DHS के चार वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि ये दस्तावेज भले ही गोपनीय (classified) नहीं थे, लेकिन उन पर “For Official Use Only” का स्पष्ट उल्लेख था। इस श्रेणी के दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की अनुमति नहीं होती, क्योंकि इनमें संवेदनशील सरकारी जानकारियां होती हैं।
बताया गया है कि मई 2025 में CISA जॉइन करने के तुरंत बाद डॉ. गोत्तुमुक्काला ने एजेंसी के चीफ इंफॉर्मेशन ऑफिसर (CIO) से विशेष अनुमति लेकर ChatGPT का उपयोग शुरू किया था। उस समय DHS के अधिकांश कर्मचारियों के लिए ChatGPT ब्लॉक था। अगस्त 2025 में साइबर निगरानी सिस्टम ने इन अपलोड्स को पकड़ लिया और पहले ही सप्ताह में कई अलर्ट दर्ज किए गए।
मामले के सामने आने के बाद DHS के शीर्ष नेतृत्व ने आंतरिक समीक्षा शुरू की, ताकि यह आकलन किया जा सके कि इन अपलोड्स से सरकारी सुरक्षा को कोई नुकसान पहुंचा या नहीं। हालांकि, इस समीक्षा का अंतिम निष्कर्ष अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। Politico के अनुसार, इस मामले की जांच में तत्कालीन DHS जनरल काउंसल जोसेफ मजार्रा और CIO एंटोइन मैककॉर्ड भी शामिल थे।
CISA की पब्लिक अफेयर्स डायरेक्टर मार्सी मैकार्थी ने सफाई देते हुए कहा कि डॉ. गोत्तुमुक्काला को DHS के नियंत्रणों के तहत सीमित और अस्थायी तौर पर ChatGPT इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी। उन्होंने कहा कि एजेंसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए सरकारी आधुनिकीकरण के लिए प्रतिबद्ध है, जो पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के AI से जुड़े कार्यकारी आदेश के अनुरूप है।
हालांकि, Politico ने यह भी रेखांकित किया कि सार्वजनिक ChatGPT में डाला गया डेटा OpenAI के साथ साझा हो सकता है और अन्य यूजर्स के जवाबों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, जबकि DHS के आंतरिक AI टूल्स ऐसे डेटा को संघीय सिस्टम से बाहर जाने से रोकते हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “गोत्तुमुक्काला ने CISA पर दबाव डालकर ChatGPT की अनुमति ली और फिर उसका दुरुपयोग किया।”गौरतलब है कि संघीय कर्मचारियों को संवेदनशील दस्तावेजों के प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाता है और ऐसे मामलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई तक की संभावना रहती है।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब गोत्तुमुक्काला का कार्यकाल पहले से ही विवादों में रहा है और CISA में स्थायी प्रमुख की नियुक्ति अभी तक अटकी हुई है।




