रास अल खैमाह (यूएई):
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ग़ाज़ा पट्टी में मानवीय सहायता पहुंचाने के अपने प्रयासों को और तेज़ करते हुए ‘साक़्र ह्यूमैनिटेरियन शिप’ की 12वीं खेप की लोडिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कदम रास अल खैमाह के शासक और सुप्रीम काउंसिल के सदस्य शेख सऊद बिन साक़्र अल क़ासिमी के निर्देशों के तहत उठाया गया है। इस मानवीय अभियान को साक़्र बिन मोहम्मद अल क़ासिमी चैरिटी एंड ह्यूमैनिटेरियन फ़ाउंडेशन द्वारा रास अल खैमाह पोर्ट पर अंजाम दिया जा रहा है।
यह सहायता ऑपरेशन ‘चिवैलरस नाइट 3’ के सहयोग से भेजी जा रही है, जो ग़ाज़ा में पीड़ित नागरिकों की मदद के लिए यूएई की एक प्रमुख मानवीय पहल है। इस अभियान की शुरुआत यूएई के राष्ट्रपति हिज़ हाइनेस शेख मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान के निर्देशों के तहत की गई थी। जहाज़ को जल्द ही मिस्र के अल-अरीश पोर्ट के लिए रवाना किया जाएगा, जहां से सहायता सामग्री को ग़ाज़ा पट्टी तक पहुंचाने की तैयारियां की जाएंगी।
इस खेप में बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री, स्वास्थ्य संबंधी आपूर्ति, आश्रय सामग्री, राहत पैकेज, साथ ही चिकित्सा उपकरण और आवश्यक दवाइयां शामिल हैं। इन सभी सामग्रियों का उद्देश्य ग़ाज़ा में जारी संकट के कारण पीड़ित आम नागरिकों की पीड़ा को कम करना है। विशेष रूप से इस सहायता का लाभ बच्चों, महिलाओं और बुज़ुर्गों जैसे सबसे अधिक प्रभावित और संवेदनशील वर्गों तक पहुंचाने पर ज़ोर दिया गया है।
‘साक़्र ह्यूमैनिटेरियन शिप’ यूएई की व्यापक मानवीय रणनीति का एक अहम हिस्सा है, जिसे ऑपरेशन चिवैलरस नाइट 3 के तहत लागू किया जा रहा है। यह पहल न केवल ग़ाज़ा में प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने का प्रयास है, बल्कि यह यूएई की उस नीति को भी दर्शाती है, जिसके तहत वह संकट के समय भाईचारे और मानवीय मूल्यों के आधार पर सहायता प्रदान करता है।
यूएई ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह फ़िलिस्तीनी जनता के साथ खड़ा है और अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठनों व चैरिटी संस्थाओं के साथ मिलकर राहत कार्यों को मज़बूती से आगे बढ़ा रहा है। यह कदम यूएई की उस लंबे समय से चली आ रही मानवीय परंपरा को दर्शाता है, जिसके तहत वह दुनिया के किसी भी हिस्से में ज़रूरतमंद लोगों की मदद के लिए तत्पर रहता है।
इस नवीनतम सहायता खेप के साथ, यूएई ने ग़ाज़ा में मानवीय संकट को कम करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिससे वहां के पीड़ित नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।