आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पुर्तगाल के राष्ट्रपति चुनाव में रविवार को चौंकाने वाले नतीजे सामने आए जिसमें एक धुर दक्षिणपंथी पार्टी के नेता दूसरे स्थान पर रहे। अगले महीने होने वाले दूसरे दौर के मतदान में उनका सामना एक मध्य-वामपंथी प्रतिद्वंद्वी से होगा।
यह परिणाम यूरोप में तेजी से उभर रही धुर-दक्षिणपंथी पार्टियों के लिए एक और राजनीतिक सफलता का संकेत माना जा रहा है।
लगभग 98 प्रतिशत वोटों की गिनती हो चुकी है। सात साल से भी कम समय पहले स्थापित की गई ‘चेगा’ पार्टी के नेता आंद्रे वेंटुरा को 24 प्रतिशत वोट मिले और वह मध्य-वामपंथी समाजवादी उम्मीदवार एंटोनियो जोस सेगुरो के बाद दूसरे स्थान पर रहे। सेगुरो को लगभग 31 प्रतिशत वोट मिले।
दोनों शीर्ष उम्मीदवारों का आठ फरवरी को दूसरे चरण के मतदान में आमना-सामना होगा।
वेंटुरा का दमदार प्रदर्शन यूरोप में धुर दक्षिणपंथी विचारधारा की ओर हो रहे बदलाव में एक और मील का पत्थर साबित हुआ है, क्योंकि हाल के वर्षों में जनवादी (पॉपुलिस्ट) राजनीतिक पार्टियों ने सत्ता की बागडोर अपने हाथ में ले ली है या उसके करीब पहुंच गई हैं।
जनता के भारी समर्थन के कारण ‘चेगा’ पार्टी पिछले साल पुर्तगाल की संसद में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई। वेंटुरा और उनके समर्थकों को यूरोप भर में, जैसे कि फ्रांस, जर्मनी, इटली और पड़ोसी देश स्पेन में, समान विचारधारा वाली राष्ट्रवादी पार्टियों के बढ़ते प्रभाव से प्रोत्साहन मिला है।