आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में बृहस्पतिवार को दो राष्ट्रव्यापी अभियानों की घोषणा की, जिनका उद्देश्य राज्य सरकारों पर इस व्यापार समझौते का विरोध करने, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को बर्खास्त करने की मांग करने और राज्यों की ‘‘वित्तीय स्वायत्तता बहाल करने’’ के लिए जीएसटी कानून में संशोधन करने का दबाव बनाना है।
एसकेएम ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि उसकी राज्य और राष्ट्रीय समितियों के सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल सभी राज्यों में मुख्यमंत्रियों और विधानसभाओं में विपक्ष के नेताओं से मुलाकात करेंगे और किसान संगठन द्वारा उठाए गए मुद्दों पर प्रस्ताव पारित करने के लिए विशेष विधानसभा सत्र बुलाने की मांग करेंगे।
एसकेएम ने एक ज्ञापन में राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे केंद्र से अमेरिका के साथ हुए ‘‘राष्ट्र-विरोधी’’ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करने का अनुरोध करें और गोयल को ‘‘किसानों के हितों के साथ विश्वासघात’’ करने के लिए बर्खास्त करने की तथा केंद्रीय वित्त मंत्रालय के उस पत्र को वापस लेने की मांग करें जिसमें राज्यों को गेहूं और धान पर बोनस भुगतान समाप्त करने के लिए कहा गया है।
भारत और अमेरिका ने इस महीने की शुरुआत में एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए एक रूपरेखा पर सहमति व्यक्त की थी जिसके तहत अमेरिका शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण पर हस्ताक्षर करने और उसे लागू करने के लिए इस रूपरेखा को कानूनी दस्तावेज में परिवर्तित करना होगा।