अपने पाले हुए आतंकियों से अब निपटने को रणनीति बना रहा पाकिस्तान

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] • 1 Months ago
अपने पाले हुए आतंकियों से अब निपटने को रणनीति बना रहा पाकिस्तान

इस्लामाबाद. प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) द्वारा पाकिस्तानी सत्ता प्रतिष्ठान के साथ संघर्ष विराम समझौते को समाप्त करने की घोषणा के बाद बलूचिस्तान, उत्तरी वजीरिस्तान जिले और पेशावर में सिलसिलेवार हमले किए गए हैं. ऐसे में सरकार ने बैठक आयोजित कर आतंक के प्रसार से निपटने के लिए नई रणनीति बनाने को बैठक बुलाई गई है.

संघीय सरकार के सूत्रों के अनुसार टीटीपी द्वारा पाकिस्तान के साथ शांति समझौते को रद्द करने की घोषणा के बाद आतंकवादी गतिविधियों के प्रसार से निपटने और उसका मुकाबला करने के लिए एक नई रणनीति की समीक्षा करने और योजना बनाने के लिए एक आपातकालीन कैबिनेट बैठक बुलाई गई है.

टीटीपी ने मंगलवार को घोषणा की कि वह शांति समझौते को समाप्त कर रहा है, पाकिस्तान पर शर्तों और समझौतों का पालन करने में विफल रहने और अपने उग्रवादियों के खिलाफ खुफिया आधारित ऑपरेशन (आईबीओ) करने का आरोप लगाया. घोषणा के 24 घंटे के भीतर टीटीपी ने क्वेटा के बलेली इलाके में एक आत्मघाती विस्फोट की जिम्मेदारी ली. हमले में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जिसमें बलूचिस्तान कांस्टेबुलरी का एक सुरक्षाकर्मी और स्कूल जाने वाले बच्चे सहित दो पैदल यात्री शामिल थे. हताहतों के अलावा हमले में कम से कम 26 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. इनमें कम से कम 19 पुलिस सुरक्षा अधिकारी और कम से कम छह नागरिक शामिल थे. बलूचिस्तान कांस्टेबुलरी के एक सुरक्षा निजी वाहन को निशाना बनाकर हमला किया गया था, जो पोलियो रोधी कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए कुचलक इलाके में तैनात था.

टीटीपी ने दावा किया कि यह हमला उनके कमांडर उमर खालिद खोरासानी की हत्या का बदला लेने के लिए किया गया था. आत्मघाती विस्फोट के अलावा डेरा इस्माइल खान में टैंक बस स्टेशन पर गोलीबारी की घटना के दौरान फ्रंटियर कोर के कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि अन्य घायल हो गए. 

 उत्तरी वजीरिस्तान जिले के शेवा इलाके में एक अन्य आतंकवादी हमले में एक सैनिक शहीद हो गया. हमले में हमलावर भी मारा गया. इसके अलावा उत्तरी वजीरिस्तान जिले के स्पिनवान इलाके में एक अज्ञात हमलावर द्वारा गोलीबारी किए जाने पर एक अन्य समानांतर फायरिंग हमले में कम से कम एक सैनिक की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए. सुरक्षाबलों के हमले में हमलावर को मार गिराया गया.

 

पेशावर में स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार एक स्थानीय स्कूल की दीवार और कुछ अन्य इमारतों की दीवार पर दाएश राघालय लिखा हुआ देखा गया, पश्तो भाषा में लिखे गए इस बयान का अर्थ दाएश आ गया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार शहर के माथा इलाके में दीवार की चाक देखी गई थी.

टीटीपी और आईएस का पुनरुत्थान ऐसे समय में हुआ है, जब नए सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने सैन्य प्रतिष्ठान की कमान संभाली है और उप विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने काबुल का एक दिन का दौरा किया है, जहां उन्होंने तालिबान के शीर्ष नेतृत्व के साथ मुलाकात की. ऐसा माना जाता है कि खार की काबुल यात्रा के प्रमुख एजेंडे में से एक अफगान तालिबान को अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने के लिए कहना और टीटीपी से पाकिस्तान के साथ बातचीत शुरू करने का आग्रह करना था.

पाकिस्तान अफगान तालिबान से यह सुनिश्चित करने के लिए कहता रहा है कि वे अफगानिस्तान से संचालित होने वाले टीटीपी को खत्म करे, जो सीमा पार आतंकवाद के माध्यम से पाकिस्तान में अस्थिरता फैला रहा है. इसके बजाय अफगान तालिबान ने पाकिस्तान से टीटीपी के साथ बातचीत में शामिल होने और टेबल वार्ता के माध्यम से समस्याओं को सुलझाने का आग्रह किया है.