मछली पकड़ने वाली नौकाओं से हथियारों की तस्करी कर रहे हूती विद्रोही: सऊदी गठबंधन

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 21-10-2026
Houthi rebels are smuggling weapons using fishing boats: Saudi-led coalition
Houthi rebels are smuggling weapons using fishing boats: Saudi-led coalition

 

रियाद।

यमन के हूती विद्रोहियों पर मिसाइलों, हथियारों और सैन्य उपकरणों की तस्करी के लिए मछली पकड़ने वाली नौकाओं का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने दावा किया है कि समुद्री रास्तों से हथियारों की आपूर्ति की जा रही है। गठबंधन ने मछली पकड़ने वाली नौकाओं के मालिकों से अपील की है कि वे अपनी नौकाओं का इस्तेमाल हथियारों की तस्करी के लिए न होने दें और हूती विद्रोहियों की किसी भी तरह से मदद करने से बचें।

अल-अरबिया की रिपोर्ट के अनुसार, गठबंधन की संयुक्त बल कमान ने सोमवार, 19 अक्टूबर को जारी एक बयान में कहा कि समुद्र के रास्ते हथियारों की तस्करी के लिए चार प्रकार की नौकाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध बयान में इन नौकाओं के प्रकार और तस्करी के कथित मामलों से जुड़े विस्तृत विवरण सामने नहीं आए हैं।

गठबंधन ने चेतावनी दी कि इस तरह की गतिविधियां यमन की आंतरिक सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा करती हैं। उसके मुताबिक, हथियारों की अवैध आपूर्ति से यमन में संघर्ष और अस्थिरता बढ़ने का जोखिम है, जिसका असर आम नागरिकों की सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।

नौका मालिकों से सहयोग न करने की अपील

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने मछली पकड़ने वाली नौकाओं के मालिकों से कहा है कि वे अपनी नौकाओं को हथियारों और सैन्य उपकरणों की ढुलाई के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति न दें। गठबंधन का कहना है कि समुद्री परिवहन के सामान्य साधनों का कथित रूप से सैन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किए जाने से तस्करी पर निगरानी रखना और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से निपटना मुश्किल हो सकता है।

यह अपील ऐसे समय में की गई है, जब यमन में हूती विद्रोहियों की सैन्य क्षमताओं और उन्हें कथित रूप से बाहर से मिलने वाली सहायता को लेकर क्षेत्रीय स्तर पर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं।

आधुनिक हथियार तकनीक मिलने का भी आरोप

पिछले सप्ताह सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने दावा किया था कि हूती विद्रोहियों को क्षेत्रीय शक्तियों से आधुनिक हथियार तकनीक प्राप्त हुई है। गठबंधन ने यह भी आरोप लगाया कि हूती इन हथियारों को भूमिगत ठिकानों, सुरंगों और पहाड़ी इलाकों में छिपाकर रखते हैं और जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल करते हैं।

हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध विस्तृत सबूतों और स्वतंत्र पुष्टि के बारे में रिपोर्ट में पूरी जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए इन दावों को गठबंधन के आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

ईरान से हथियारों की आपूर्ति का दावा

इसी बीच, अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि ईरान यात्री विमानों, पनडुब्बियों और मछली पकड़ने वाली नौकाओं जैसे विभिन्न माध्यमों का इस्तेमाल कर हूती विद्रोहियों तक हथियार पहुंचा रहा है।

यह रिपोर्ट ऐसे आरोपों के बीच सामने आई है, जिनमें हूती विद्रोहियों की सैन्य क्षमता बढ़ने और उन्हें बाहरी सहायता मिलने की बात कही जाती रही है। हालांकि, ईरान से हथियारों की कथित आपूर्ति के प्रत्येक माध्यम और संबंधित घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

यमन में जारी संघर्ष का असर लंबे समय से देश की सुरक्षा, राजनीतिक स्थिरता और आम नागरिकों के जीवन पर पड़ रहा है। ऐसे में समुद्री रास्तों से हथियारों की कथित तस्करी को लेकर सऊदी गठबंधन की चेतावनी क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को फिर सामने लाती है।