सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हुई PLC की बैठक में अल-जिंदानी को यमन के संविधान और संबंधित कानूनों के तहत नई सरकार गठित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं, इस्तीफा देने वाले सालेम बिन बुरैक को राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष राशद अल-अलीमी का वित्तीय और आर्थिक मामलों का सलाहकार नियुक्त किया गया है।
राष्ट्रपति अल-अलीमी ने एक आधिकारिक आदेश जारी कर अल-जिंदानी की प्रधानमंत्री पद पर नियुक्ति को औपचारिक रूप दिया। यह आदेश यमन के संविधान, खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) की पहल और 2022 की सत्ता हस्तांतरण घोषणा के अनुरूप जारी किया गया है। आदेश के अनुसार, नई कैबिनेट के गठन तक मौजूदा सरकार कार्यवाहक सरकार के रूप में काम करती रहेगी, लेकिन इस दौरान किसी भी प्रकार की नियुक्ति या बर्खास्तगी नहीं की जाएगी।
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब यमन गंभीर आर्थिक और मानवीय संकट से गुजर रहा है। राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद का कहना है कि यह कदम राज्य संस्थाओं को मजबूत करने और राजनीतिक सुधारों को आगे बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है।
इसी दिन PLC ने दक्षिणी ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) से जुड़े दो सदस्यों को हटाकर पूर्व रक्षा मंत्री महमूद अल-सुबैही और हदरामौत के गवर्नर सालेम अल-खानबाशी को नियुक्त किया। यह फैसला दक्षिणी यमन में हाल के महीनों में बढ़े तनाव के बाद लिया गया है।