कोल्लम (केरल)
केरल में राजनीतिक तनाव के बीच डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) की राज्य समिति सदस्य Chintha Jerome और 55 अन्य लोगों के खिलाफ भड़काऊ नारे लगाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई एक विरोध मार्च के दौरान कथित रूप से उकसावे वाले और धमकी भरे नारे लगाने के आरोप में की गई।
किस बात पर हुआ विरोध?
यह मामला उस विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जो स्वास्थ्य मंत्री Veena George को कथित तौर पर लगी चोटों के विरोध में निकाला गया था। मंत्री को ‘केरल स्टूडेंट्स यूनियन’ (केएसयू) के आंदोलन के दौरान चोट लगी थी, जिसके बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया।
डीवाईएफआई, जो Democratic Youth Federation of India का राज्य स्तरीय संगठन है और Communist Party of India (Marxist) से संबद्ध है, ने इस घटना के विरोध में मार्च आयोजित किया था।
पल्लिमुक्कु से वेंदरामुक्कु तक निकला मार्च
पुलिस के अनुसार, बुधवार रात पल्लिमुक्कु से वेंदरामुक्कु तक निकाले गए विरोध मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कथित रूप से जान से मारने की धमकी वाले नारे लगाए। प्राथमिकी (एफआईआर) में कहा गया है कि मार्च के दौरान यातायात भी बाधित हुआ, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
एफआईआर में क्या आरोप?
प्राथमिकी के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कुछ नारे ऐसे थे जिन्हें भड़काऊ और हिंसा को उकसाने वाला माना गया। पुलिस ने सार्वजनिक शांति भंग करने, धमकी देने और यातायात अवरोध से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
हालांकि, डीवाईएफआई की ओर से अभी तक इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
केरल में बढ़ता राजनीतिक तनाव
केरल में हाल के दिनों में छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों के बीच टकराव की घटनाएं बढ़ी हैं। स्वास्थ्य मंत्री को लगी चोट के बाद सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।इस ताजा मामले ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।डीवाईएफआई नेता चिंथा जेरोम समेत 56 लोगों पर दर्ज मामला केरल में बढ़ते राजनीतिक तनाव को दर्शाता है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं इस मामले को और गरमा सकती हैं।