ईरान: इस्फहान में विदेशी समर्थित दंगों में 30 सुरक्षाकर्मियों की मौत, गवर्नर ने की पुष्टि

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 11-01-2026
Iran: 30 security personnel killed in foreign-backed riots in Isfahan, governor confirms.
Iran: 30 security personnel killed in foreign-backed riots in Isfahan, governor confirms.

 

इस्फहान (ईरान)

ईरान के इस्फहान प्रांत में जारी हिंसक अशांति के बीच प्रांत के गवर्नर अली अहमदी ने पुष्टि की है कि कथित तौर पर विदेशी समर्थन से भड़के दंगों में अब तक 30 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो चुकी है। ईरानी सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के अनुसार, मारे गए सुरक्षाकर्मियों के अंतिम संस्कार सोमवार को किए जाएंगे।

गवर्नर अहमदी ने रविवार को कहा कि इन हिंसक घटनाओं में नागरिक हताहत भी हुए हैं, जिनमें एक दो महीने के शिशु की मौत भी शामिल है। उन्होंने बताया कि दंगों के दौरान इस्फहान में भारी तबाही मचाई गई और कम से कम 10 मस्जिदों को आग के हवाले कर दिया गया।

इस्फहान के पड़ोसी फार्स प्रांत में भी हालात गंभीर बने हुए हैं। प्रेस टीवी के मुताबिक, प्रांतीय शहीद फाउंडेशन के महानिदेशक इब्राहिम बयानी ने बताया कि वहां दंगों के दौरान 12 सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई। इसके अलावा, ईरान की पुलिस विशेष इकाइयों के कमांडर जनरल मसूद मोदक़्क़ ने जानकारी दी कि उनकी यूनिट के आठ जवान भी हिंसा में मारे गए हैं।

जनरल मोदक़्क़ ने कहा कि उनकी यूनिट के शहीद जवानों का अंतिम संस्कार भी सोमवार को किया जाएगा। यह अंतिम संस्कार एक राष्ट्रव्यापी रैली के साथ होगा, जिसमें कथित विदेशी एजेंटों द्वारा किए गए सशस्त्र हमलों और आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जाएगा। ईरानी अधिकारियों का आरोप है कि शुरुआत में आर्थिक मुद्दों को लेकर हुए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को बाद में हिंसक दिशा में मोड़ दिया गया।

प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक कुल हताहतों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की गई है, जिसमें सुरक्षाकर्मी और आम नागरिक दोनों शामिल हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में चिकित्सा और राहत सुविधाओं पर हमले भी सामने आए हैं। उत्तरी ईरान के गिलान प्रांत में रेड क्रिसेंट के एक स्वयंसेवक की मौत हो गई, जबकि अन्य इलाकों में रेड क्रिसेंट के पांच कर्मचारी घायल हुए हैं।

ईरानी अधिकारियों ने दोहराया है कि आर्थिक कठिनाइयों को लेकर विरोध प्रदर्शन वैध हैं और सरकार उन्हें सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़ और साजिश को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार का कहना है कि बढ़ती महंगाई, जीवन-यापन की लागत और ईरानी रियाल की गिरती कीमत से जुड़े जनआक्रोश का फायदा उठाकर दंगाइयों ने हिंसा फैलाई।

ईरान ने मौजूदा हालात के लिए अमेरिका द्वारा लगाए गए एकतरफा प्रतिबंधों को जिम्मेदार ठहराया है, जो ईरान के केंद्रीय बैंक और तेल निर्यात को निशाना बनाते हैं। सुरक्षा और न्यायिक अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि कई सशस्त्र आतंकी सेल ध्वस्त किए गए हैं और विदेशी संपर्क वाले कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई ने शुक्रवार को कहा था कि इस्लामिक रिपब्लिक “उपद्रवियों के सामने नहीं झुकेगा” और विदेशी ताकतों के इशारे पर काम करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।