आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
ईरान से संबद्ध हैकर समूहों ने संकेत दिया है कि ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच अस्थिर युद्धविराम लंबे समय तक उनके जवाबी साइबर हमलों को नहीं रोक पाएगा। अमेरिकी साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने इस चेतावनी को गंभीरता से लेने की सलाह दी है।
‘हंदाला’ नामक एक प्रमुख हैकर समूह ने युद्धविराम की घोषणा के बाद कहा कि वह अमेरिका पर हमलों को अस्थायी रूप से टाल रहा है, लेकिन इजराइल को निशाना बनाना जारी रखेगा। समूह ने यह भी कहा कि उचित समय आने पर वह अमेरिका के खिलाफ अपनी गतिविधियां फिर शुरू करेगा।
दो सप्ताह का यह युद्धविराम पहले ही पक्षों के बीच मतभेदों के कारण कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है और सभी पक्ष युद्ध में अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।
फलस्तीन समर्थक और ईरान समर्थक ‘हंदाला’ नेटवर्क ने अमेरिकी चिकित्सा उपकरण विनिर्माता ‘स्ट्राइकर’ के कामकाज में बाधा डालने और एफबीआई निदेशक काश पटेल के निजी ईमेल खाते में सेंध लगाने सहित कई साइबर हमलों की जिम्मेदारी ली है।
यह समूह ईरान से जुड़े कई प्रॉक्सी हैकर नेटवर्क में से एक है और तेहरान से स्वतंत्र रूप से काम करता है।
समूह ने अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर लिखा, “हमने यह युद्ध शुरू नहीं किया, लेकिन इसे खत्म हम ही करेंगे। साइबर युद्ध सैन्य संघर्ष के साथ शुरू नहीं हुआ था और किसी युद्धविराम के साथ खत्म नहीं होगा।”