Inflation in European countries rises to 2.5 percent amidst the Iran war.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
ईरान युद्ध के कारण ईंधन की कीमतों में तेज वृद्धि होने से यूरोपीय संघ के सदस्य देशों में मुद्रास्फीति दर मार्च में बढ़कर 2.5 प्रतिशत हो गई, जबकि फरवरी में यह 1.9 प्रतिशत थी।
यूरोपीय संघ की तरफ से मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, ईरान युद्ध के बीच फारस की खाड़ी क्षेत्र से तेल और गैस की आपूर्ति बाधित होने के बाद मुद्रास्फीति दर में यह उछाल आया है।
यूरोपीय सांख्यिकी एजेंसी यूरोस्टैट के मुताबिक, मार्च में ऊर्जा संसाधनों की कीमतें 4.9 प्रतिशत बढ़ गईं जबकि फरवरी में इनमें 3.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।
मार्च में खाद्य वस्तुओं की महंगाई अपेक्षाकृत कम 2.4 प्रतिशत रही जबकि स्वास्थ्य सेवा और सैलून जैसी सेवाओं की कीमतों में 3.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
ईरान पर अमेरिका एवं इजराइल के हमले के बाद छिड़ी इस जंग से महंगाई में आई तेजी का असर आम लोगों पर भी दिखने लगा है।
यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी) की प्रमुख क्रिस्टीन लेगार्ड ने कहा है कि 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद मुद्रास्फीति दर दहाई अंक तक पहुंचने के अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार कंपनियां कीमतें बढ़ाने में अधिक तेजी दिखा सकती हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल एवं गैस टैंकर की आवाजाही बाधित होने से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत प्रभावित हुआ है। इससे आने वाले समय में ईंधन बाजार में स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।