यूनुस अल्वी/ नूंह(हरियाणा)
नीति आयोग के आंकड़ों में कभी देश के100अति पिछड़े जिलों में गिना जाने वाला मेवात आज शिक्षा की बदौलतसफलता की नई पटकथा लिख रहा है। हरियाणा लोक सेवा आयोग यानी HPSC ने असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी (ADA) भर्ती 2026 का अंतिम परिणाम जारी किया है। इस परीक्षा में नूंह जिले के 7 युवाओं ने एक साथ सफलता हासिल की है। यह सिर्फ इन परिवारों की जीत नहीं है। यह पूरे नूंह जिले की नई पहचान का प्रतीक है।
हरियाणा सरकार के अभियोजन विभाग में कुल 255 पदों पर भर्ती के लिए नतीजे घोषित किए गए। इसमें 134 पद सामान्य वर्ग, 26 OSC, 26 DSC, 28 BCA, 15 BCB और 26 EWS श्रेणी के थे। इस कठिन चयन प्रक्रिया में स्क्रीनिंग टेस्ट, विषय ज्ञान परीक्षा और साक्षात्कार शामिल थे। लेकिन तमाम चुनौतियों के बावजूद नूंह के इन सात बेटों और बेटियों ने अपनी मेहनत से सूची में अपना नाम दर्ज कराया।

नूंह के ये 7 सितारे जिन्होंने पाई सफलता
इस परीक्षा में सफलता पाने वाले सातों प्रत्याशी मेवात के अलग-अलग गांवों से आते हैं। इनके नाम हैं:
इन सभी युवाओं ने यह साबित कर दिया है कि इरादे मजबूत हों तो संसाधनों की कमी कभी आड़े नहीं आती।
चार बार की असफलता के बाद डॉ. हिना को मिली बड़ी कामयाबी
पुनहाना खंड के गांव ठेक की रहने वाली डॉ.हिना देडवाल की कहानी बेहद प्रेरणादायक है। हिना गांव के सरपंच हाजी अब्दुल रशीद की पुत्रवधू और एडवोकेट अख्तर हुसैन की पत्नी हैं। वरिष्ठ वकील मोहम्मद अशरफ उनके जेठ हैं।
डॉ.हिना की शुरुआती शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक का सफर काफी संघर्षपूर्ण रहा। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए, एलएलबी और एलएलएम की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने पीएचडी की उपाधि भी हासिल की।
हिना ने न्यायिक सेवा (जुडिशल सर्विस) के लिए चार बार इंटरव्यू दिए। हर बार वे बेहद करीब जाकर रह गईं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। लगातार पढ़ाई और मेहनत का नतीजा यह रहा कि आज वे हरियाणा में एडीए के पद पर चुनी गई हैं।
उनके ससुर हाजी अब्दुल रशीद पेशे से किसान हैं और गांव के सरपंच भी हैं। वे बताते हैं कि उनके परिवार ने हमेशा बच्चों को उच्च शिक्षा देने पर जोर दिया। आज उनके परिवार के दो बेटे वकालत में हैं और बहू एडीए बन चुकी है।
तावड़ू की दिलशाना: एक ही घर से दूसरी बेटी बनी अफसर
तावड़ू खंड के गांव सुनारी से दिलशाना का चयन भी क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण है। दिलशाना ग्रामीण बैंक के पूर्व प्रबंधक मोहम्मद इलियास की बेटी हैं।दिलशाना के परिवार में सफलता की यह कोई पहली खबर नहीं है। इससे पहले उनकी बहन रुकसाना का चयन सिविल जज के पद पर हो चुका है। एक ही साधारण परिवार की दो बेटियों का प्रशासनिक और न्यायिक पदों पर पहुंचना पूरे मेवात के लिए मिसाल बन गया है।
बदलता मेवात: पढ़ाई और खेलों में बढ़ रही युवाओं की रुचि
नूंह जिला लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं और शिक्षा के अभाव के लिए जाना जाता रहा है। लेकिन बीते कुछ वर्षों में यहां के युवाओं की सोच में बड़ा बदलाव आया है।अब नूंह के युवा सिर्फ खेती या पारंपरिक कामों तक सीमित नहीं रहना चाहते। वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। वे उच्च शिक्षा की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। खेल के मैदान से लेकर अदालतों की बेंच तक, मेवात के युवाओं की मौजूदगी अब साफ दिखने लगी है।
साक्षरता दर में सुधार और परिवारों द्वारा बेटियों को पढ़ने की आजादी देने का असर अब सामने आने लगा है। सात युवाओं का एक साथ एडीए बनना इस बात का सबूत है कि मेवात अब पिछड़ेपन की टैगलाइन को हटाकर आगे बढ़ रहा है।
त्वरित जानकारी
इस भर्ती परिणाम से जुड़े मुख्य तथ्य नीचे तालिका में प्रस्तुत हैं:
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विवरण |
विवरण/जानकारी |
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भर्ती संस्था |
हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) |
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पद का नाम |
असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी (ADA) |
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विज्ञापन संख्या |
18/2025 |
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कुल पद |
255 पद |
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परिणाम तिथि |
22 अक्टूबर 2026 |
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नूंह (मेवात) से चयनित प्रत्याशी |
7 युवा (नाजिम बिसरू, हिना अख्तर, दिलशाना सुनारी, रुखसार बदर, आरती चांदनी, फरहान खान, भूपेंद्र सिंह उजिना) |
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आधिकारिक वेबसाइट |
hpsc.gov.in |
HPSC ADA परिणाम 2026 कैसे चेक करें?
परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट से अपना रिजल्ट डाउनलोड कर सकते हैं।
चयन प्रक्रिया और पात्रता नियम
इस भर्ती के लिए आयोग ने सख्त मापदंड तय किए थे:
युवाओं के लिए सीख और प्रेरणा
नूंह के इन सातों अभ्यर्थियों की सफलता का संदेश बहुत सीधा है। सफलता किसी शहर या बड़े कोचिंग सेंटर की मोहताज नहीं होती। सही दिशा में की गई मेहनत, निरंतरता और असफलता से सीख लेने की क्षमता ही इंसान को उसकी मंजिल तक पहुंचाती है। मेवात की बेटियों ने यह भी दिखा दिया है कि अगर लड़कियों को बराबरी का अवसर और परिवार का सहयोग मिले, तो वे किसी से कम नहीं हैं।