आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
जर्मनी में फ्रैंकफर्ट पुस्तक मेले में इंडियन नेशनल स्टैंड के उद्घाटन के साथ ही आधुनिक भारतीय कालजयी बाल कहानियों के जर्मन और स्पैनिश अनुवादों का विमोचन किया गया।
राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के मुख्य संपादक एवं संयुक्त निदेशक कुमार विक्रम ने बताया कि इस स्टैंड को विशेष रूप से प्रेमचंद और सुमित्रानंदन पंत जैसे भारतीय साहित्य के प्रमुख रचनाकारों पर केंद्रित करते हुए तैयार किया गया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य पाठकों, विशेषकर युवा पीढ़ी को उनकी रचनाओं के करीब लाना है।
इंडियन नेशनल स्टैंड के उद्घाटन के अवसर पर आधुनिक भारतीय कालजयी बाल कहानियों के जर्मन और स्पैनिश अनुवादों का विमोचन भी किया गया। इन पुस्तकों में प्रेमचंद की ‘मिट्ठू’, भीष्म साहनी की ‘दो गौरैया’ और ‘चमगादड़ का रस’, सुदर्शन की ‘साइकिल की सवारी’, अमरकांत की ‘बहादुर’, विष्णु प्रभाकर की ‘सबसे सुंदर लड़की,’ तथा आचार्य शिवपूजन सहाय की ‘कुंजी’ शामिल हैं।
राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) द्वारा यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, बाल पुस्तकों की यह श्रृंखला विशेष रूप से युवा पाठकों को भारतीय साहित्य के उन प्रमुख रचनाकारों से जोड़ने के मकसद से तैयार की गयी है जिनकी रचनाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी उनके काल में थीं।